गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी नगर परिषद के अस्थाई सफाई कर्मचारियों और ऑटो टिपर ड्राइवरों द्वारा की गई हड़ताल के कारण पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यह विरोध प्रदर्शन राजस्थान सरकार द्वारा निकाली गई सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 के लिए आवश्यक अनुभव प्रमाण पत्र जारी न किए जाने के कारण शुरू हुआ है। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आने के बावजूद, कर्मचारियों का आरोप है कि नगर परिषद प्रशासन और ठेकेदारों द्वारा प्रमाण पत्र देने में लगातार टालमटोल की जा रही है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
राज्य सरकार की इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों के पास न्यूनतम एक वर्ष का सफाई कार्य का अनुभव होना अनिवार्य है। वाल्मीकि समाज और अन्य वर्गों के जो कर्मचारी वर्षों से संविदा पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उनका कहना है कि वे लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन जब प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ी तो उन्हें परेशान किया जा रहा है। इसी रोष के चलते कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है।
हड़ताल के कारण शहर की सड़कों पर झाड़ू लगना बंद हो गया है और कचरा संग्रहण का काम भी पूरी तरह ठप हो गया है। आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए घर-घर से कचरा उठाने वाले ऑटो टिपर ड्राइवरों और उनके सहायकों ने भी अपनी गाड़ियों की चाबियां सौंपकर हड़ताल का समर्थन किया है। इसके परिणामस्वरूप, मुख्य बाजारों और चौराहों पर कचरे के ढेर जमा होने लगे हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए नगर परिषद प्रशासन और ठेकेदारों पर दबाव बढ़ गया है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और समाज के प्रतिनिधियों के साथ हुई हालिया बातचीत में ठेकेदार और सफाई निरीक्षक ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। ठेकेदार ने घोषणा की है कि पात्र कर्मचारियों को प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। सफाई निरीक्षक ने भी स्पष्ट किया है कि रिकॉर्ड की जांच के बाद पात्र कर्मचारियों को जल्द ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सभी पात्र अस्थाई कर्मचारियों के हाथों में उनके अनुभव प्रमाण पत्र नहीं आ जाते, तब तक वे अपनी हड़ताल वापस नहीं लेंगे। फिलहाल, शहर की सफाई व्यवस्था को बहाल करने के लिए प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन समाधान न होने तक नागरिकों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
