Rajasthan News: राजस्थान प्रदेश से शिक्षा अनुदेशकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 तक अनुभव की गणना के आधार पर पात्र शिक्षा अनुदेशकों को नियमित करने की तैयारी चल रही है। बता दें कि राजस्थान में संविदा आधार पर कार्यरत मदरसा शिक्षा अनुदेशकों के नियमितीकरण का फैसला लिया गया है। राजस्थान मदरसा बोर्ड ने शिक्षा अनुदेशकों के नियमितीकरण के लिए अनुभव की गणना अब 1 अप्रैल 2026 तक की से करने का फैसला लेकर प्रदेश के लगभग 5500 मदरसा शिक्षा अनुदेशकों को बड़ी राहत दी है।
बोर्ड ने नियमितीकरण की सूचना निर्धारित प्रपत्र में दर्ज करने का आदेश किया जारी
राजस्थान मदरसा बोर्ड ने शिक्षा अनुदेशकों को नियमितीकरण को लेकर बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने समस्त पैराटीचर्स की सेवा गणना पर नियमितीकरण की सूचना निर्धारित प्रपत्र में दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है। बोर्ड की इस फैसले से 4300 मदरसा शिक्षा अनुदेशकों तथा कंप्यूटर अनुदेशकों ने राहत की सांस ली है। इससे पहले पांचवें एवं छठे चरण के अनुभव की अवधि कम होने से इनके नियमितीकरण पर संकट था। राजस्थान मदरसा बोर्ड ने अनुभव की गणना 1 अप्रैल 2024 तक की जगह 1 अप्रैल 2026 तक करने का फैसला लिया है। राजस्थान मदरसा शिक्षा अनुदेशक संघ का कहना है कि इस निर्णय से अनुदेशकों के नियमितीकरण के लिए किसी प्रकार की शिथिलता की आवश्यकता नहीं रहेगी और 5000 से अधिक शिक्षा अनुदेशकों को लाभ मिलेगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष जुल्फिकार अली खान ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने 5 अक्टूबर को पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र राठौड़ से इस मुद्दे को लेकर वार्ता की थी। इसके बाद मदरसा बोर्ड द्वारा शिक्षा अनुदेशकों के नियमितीकरण के लिए 1 अप्रैल 2026 तक अनुभव की गणना करने का फैसला लिया गया है।


