सीकर। सीकर जिले के श्रीमाधोपुर में रहने वाले एक बुजुर्ग श्रमिक को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (माँ) योजना के माध्यम से नई जिंदगी मिली है। पुष्प नगर, वार्ड नंबर 25 के निवासी 67 वर्षीय मोहनलाल सैनी, जो एक टेंट की दुकान पर मजदूरी करके अपने नौ सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लंबे समय से हृदय संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिवार के एकमात्र कमाने वाले होने के कारण उनके सामने इलाज का संकट खड़ा हो गया था।
निजी अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें हार्ट बाईपास सर्जरी कराने की सलाह दी, जिसका अनुमानित खर्च डेढ़ से दो लाख रुपये बताया गया। इतनी बड़ी राशि का प्रबंध करना मोहनलाल के लिए असंभव था, जिससे उनका परिवार गहरे तनाव में था। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके तहत गंभीर बीमारियों का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
योजना की पात्रता की पुष्टि होने के बाद, मोहनलाल ने अस्पताल में अपना उपचार शुरू करवाया। 11 जुलाई 2026 को उनकी सफल हार्ट बाईपास सर्जरी संपन्न हुई। पांच दिनों तक अस्पताल में निगरानी में रहने के बाद, 16 जुलाई 2026 को उन्हें स्वस्थ घोषित कर छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
अपनी इस सफलता की कहानी साझा करते हुए मोहनलाल सैनी ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने न केवल उन्हें नया जीवन दिया, बल्कि उन्हें लाखों रुपये के कर्ज के बोझ से भी बचा लिया। समय पर इलाज मिलने के कारण आज वे अपने परिवार का सहारा बने हुए हैं।
यह मामला उन लोगों के लिए एक उदाहरण है जो आर्थिक तंगी के कारण अपना इलाज नहीं करवा पाते। राज्य सरकार की यह योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे इस तरह की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी रखें ताकि जरूरत के समय उनका लाभ उठाया जा सके।


