Crude Oil Rate: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के शांत होने के बाद अब कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट होनी शुरू हो गई है। क्रूड ऑयल की कीमतें कम होने से आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम भी घट सकते हैं। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। एक तरफ कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल की कीमत कम होने की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी बॉन्ड की कमाई में कमी देखने को मिली है। क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बाद 10 साल के बॉन्ड की यील्ड में कमी देखी गई। अप्रैल के बाद सबसे बड़ी गिरावट के साथ यह घटकर 7.32% पर आ गई।
क्रूड ऑयल की कीमतें 96.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंची
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी में शुरू होने के बाद लगभग आठ महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना के बाद 2 नवंबर को अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमत 7.4% गिरकर 96.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। गौरतलब है कि 27 जुलाई के बाद यह एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट हुई है। इससे शेयर बाजार में तेजी के साथ महंगाई और ब्याज दरों को लेकर भी राहत मिली है।
भारत की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों ने बायोडीजल टेंडर निकाला
भारत की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के साथ इंडियन ऑयल ने बायोडीजल खरीदने के लिए टेंडर निकाला है। इन कंपनियों द्वारा 15 करोड़ लीटर बायोडीजल खरीदने की मांग की गई है। क्रूड ऑयल में आई गिरावट के बाद देश की सरकारी कंपनियों को अब 88 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से मिलेगा। एयरटेल कंपनियों द्वारा नवंबर 2026 से लेकर जनवरी 2027 तक की सप्लाई के लिए यह यह टेंडर निकाला गया है। देश की प्रमुख सरकारी कंपनियों द्वारा डीजल के लिए आयातित कच्चे तेल तेल पर निर्भरता कम करने बायोडीजल को प्राथमिकता दी जा रही है।


