त्योहारी सीजन आते ही सोना व चांदी की कीमतों ने सर्राफा बाजार का पूरा गणित को बदल दिया है। इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाली चांदी अब करीब 1.80 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गई है। मंगलवार को चांदी की कीमतों में 3500 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सोना की बात की जाए तो अपने उच्चतम स्तर से करीब 50 हजार रुपए प्रति दस ग्राम तक नीचे आ चुका है।
मंगलवार को सोना की कीमतों में 700 रुपये की करीब गिरावट दर्ज की गई है। महंगे भावों के चलते खरीदारी टाल रहे ग्राहकों को अब कीमतों में आई नरमी ने बाजार का रुख करने का मौका दिया है। नवरात्र से दीपावली तक देश में सोने-चांदी की सबसे ज्यादा खरीदारी होती हैं। ऐसे में त्योहारों के बीच भावों में आई गिरावट से सराफा कारोबारियों को भी अच्छी विक्री की उम्मीद है।
चांदी के भावों में गिरावट
चांदी की कीमतों में गिरावट का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनवरी में इसका भाव करीब 4.25 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया था, जो तीन नवंबर को गिरकर करीब 175,251 रुपए रह गया। यानी रिकॉर्ड स्तर से 55 फीसदी से ज्यादा की गिरावट। अक्टूबर में करीब 2.55 लाख रुपए प्रति किलो चल रही चांदी महज एक महीने में करीब 74 हजार रुपए सस्ती हो गई।
हालांकि हाल के निचले स्तर 1.80 लाख रुपए से उबरकर चांदी फिर 1.85 लाख रुपए के आसपास पहुंची है। सोना भी करीब 1.92 लाख रुपए के उच्चतम स्तर से गिरकर 1,40,800 रुपए के निचले स्तर तक पहुंचा और फिलहाल करीब 137,863 रुपए चल रहा है।
दुकाने, 50 हजार कारीगर
जोधपुर में हजार से ज्यादा सोने-चांदी की कीमतों में इस गिरावट का असर जोधपुर के सराफा कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। शहर में छोटी-बड़ी करीब 1000 से 1200 दुकानें है और हजार से अधिक कारीगर 50 इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। स्वर्णकार समाज की बड़ी आबादी की आजीविका भी इसी व्यवसाय पर निर्भर है। लंबे समय तक ऊंचे भावों के कारण खरीदारी में आई सुस्ती के बाद अब ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। धनतेरस और दीपावली पर मांग बढ़ने की उम्मीद के बीच बाजार को अच्छे कारोबार की आस है।
अभी अच्छा समय
सर्राफा व्यवसायी कमल ने कहा कि सोने-चांदी की भाव में भारी कमी से आने वाले दीपावली व शादी ब्याह की सीजन को देखते हुए ग्राहकी की बढ़ने की बहुत संभावना है। अभी अच्छा समय है, निवेशकों व ग्राहकों को सोना चांदी खरीदने का भाव इससे नीचे जाने की संभावना नहीं के बराबर है।
बन सकता है रिकॉर्ड
इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नवीन सोनी ने कहा कि चांदी में इतनी बड़ी गिरावट की संभावना कम थी। आने वाले कुछ वर्षों में चांदी अपने पुराने उच्चतम स्तर को फिर पार कर सकती है। हालांकि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और कीमतों में थोड़ी और नरमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।