राजस्थान सरकार द्वारा नए सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। इस नई सड़क परियोजना पर 225 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। यह सड़क गुलाबगंज से माउंट आबू तक प्रस्तावित 22 किलोमीटर लंबी नई सड़क के तीन एलाइनमेंट में से तकनीकी कमेटी ने पूर्व में बनी ग्रेवल सड़क वाले एलाइनमेंट को स्वीकृति दे दी है। अब स्वीकृत एलाइनमेंट पर वन विभाग की एनओसी लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
इस संबंध में जयपुर की कंसल्टेंसी फर्म को निर्धारित प्रारूप में वन विभाग जयपुर के समक्ष फाइल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। राज्य वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद प्रस्ताव वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में सड़क निर्माण की अनुमति के लिए संबंधित स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
लोगों की 50 साल से चल रही थी मांग, अब हुई पूरी
राजस्थान सरकार ने जिस सड़क को मंजूरी दी गई है, उसकी डिमांड 50 साल से चली आ रही थी। इस वैकल्पिक सड़क मार्ग की मांग पिछले करीब 50 वर्षों से की जा रही है। क्षेत्रीय सांसद लुंबाराम चौधरी ने राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष गुलाबगंज से आबू तक नया सड़क मार्ग बनाने की पुरजोर मांग रखी। इस सड़क के बनने से सिरोही से माउंट आबू की सड़क दूरी करीब 100 किलोमीटर से घटकर 55 किलोमीटर रह जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सांसद लुंबाराम चौधरी के अनुरोध पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्रीय सड़क निधि से इस सड़क के लिए 225 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। इसकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति भी जारी हो चुकी है। डीपीआर तैयार करने पर करीब एक करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
वैकल्पिक मार्ग से मिलेगी राहत
नई सड़क बनने से माउंट आबू आने-जाने के लिए दूसरा मार्ग उपलब्ध होगा। वर्तमान में आबूरोड से माउंट आबू आवागमन के लिए एक ही प्रमुख सड़क मार्ग है, जिस पर भारी यातायात दबाव रहता है। एक और पहाड़ियां और दूसरी ओर गहरी खाई होने से मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण भी चुनौतीपूर्ण है।
बरसात के दौरान चट्टानें गिरने से कई बार मार्ग बाधित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में गुलाबगंज से माउंट आबू तक प्रस्तावित सड़क पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए भी वैकल्पिक मार्ग होगी।
आबूरोड पीडब्ल्यूडी के अधीक्षक अभियंता रमेश परिहार ने कहा कि गुलाबगंज से माउंट आबू तक प्रस्तावित सड़क का एलाइनमेंट स्वीकृत हो चुका है। अब वन विभाग से एनओसी ली जाएगी। इसकी तैयारी की जा रही है।


