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हरियाणा में तीन दिन तक बिजली कर्मचारियों की हड़ताल, प्रदेश में छा सकता है बिजली संकट

कर्मचारियों ने चेताया कि अगर हड़ताल के दौरान कोई बिजली लाइन में फ्लाट है तो बिजली कर्मचारी उसको ठीक नहीं करेंगे। ऐसे में चलती लाइन पर दिक्कत होना लाजमी है और ऐसे में लोगों को बिजली की परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

हरियाणा में तीन दिन तक बिजली कर्मचारियों की हड़ताल
हरियाणा में तीन दिन तक बिजली कर्मचारियों की हड़ताल

Haryana Electricity Workers Strike : हरियाणा हरियाणा में तीन दिन का बिजली का संकट हो सकता है। हरियाणा के बिजली कर्मचारियों ने तीन दिन की लगातार हड़ताल का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों ने चेताया कि अगर हड़ताल के दौरान कोई बिजली लाइन में फ्लाट है तो बिजली कर्मचारी उसको ठीक नहीं करेंगे।

ऐसे में चलती लाइन पर दिक्कत होना लाजमी है और ऐसे में लोगों को बिजली की परेशानी झेलनी पड़ सकती है। हरियाणा के बिजली कर्मचारी प्रदेश के दो जिले गुरुग्राम व नूहं की बिजली सप्लाई का जिम्मा निजी कंपनी को देने का विरोध कर रहे है। बिजली विनियामक आयोग (HERC) ने इसके लिए ‘इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड’ को लाइसेंस जारी करेगी।

बिजली कर्मचारियों ने पिछले कुछ माह पहले भी इसके विरोध में हड़ताल का ऐलान किया था, लेकिन उस समय प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज के आश्वासन पर बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल को वापस ले लिया था, लेकिन इस बार बिजली विनियामक आयोग (HERC) ने लाइसेंस ही जारी कर दिया है।

ऐसे में बिजली कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल होना संभव है। हालांकि प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज ने बिजली विनियामक आयोग (HERC) के इस फैसले पर विरोध जताया है और उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ अपील दायर करेंगे।

ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी ने कहा कि निजी कंपनी इलेवन पावर को लाइसेंस जारी करना बिजली व्यवस्था के निजीकरण किया जा रहा है। इसका बिजली कर्मचारियों के साथ किसान, मजदूर भी एकजुट होकर विरोध करेंगे।

इसके विरोध में 22, 23 और 24 अक्टूबर को प्रदेश के बिजली कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार निजी कंपनी इलेवन पावर का लाइसेंस रद्द नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। राठी के अनुसार कि बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की संयुक्त कार्रवाई समिति के माध्यम से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

300 से ज्यादा सब डिवीजनों में प्रदर्शन

बिजली को निजी कंपनियों के देने के विरोध में आज प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों में विरोध दिखाई दिया। इसके विरोध में 21 अक्टूबर को प्रदेश की 300 से अधिक सब डिवीजनों में बिजली कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करेंगे और सरकार द्वारा दिए गए निजी कंपनी के लाइसेंस को जलाकर विरोध दर्ज करेंगे। यूनियन ने सरकार से लाइसेंस वापस लेने की मांग की है।

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