हरियाणा में हाउसिंग सोसाइटियों पर हरेरा की बड़ी कार्रवाई
Harera Society : हरियाणा के शहरों में नई सोसाइटी बनने की बाढ़ से आई हुई है। काफी सोसाइटी ऐसी है जो लाइसेंस का आवेदन करते ही प्लाट व फ्लैट की बिक्री की शुरुआत कर देती है, लेकिन ऐसी सोसाइटी के खिलाफ हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) पंचकूला सख्त हो गया है।
हरेरा द्वारा प्रदेश के विभिन्न शहरों में काटी गई सोसाइटी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत हरेरा ने फरीदाबाद की दो सोसाइटी के खिलाफ नोटिस जारी किया है और आम जनता, घर खरीदारों और निवेशकों को सावधान किया है।
हरेरा का कहना है कि सोसाइटी बनाने वाली कंपनी ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 से पंजीकरण नहीं करवाया है। ऐसे में इस क्षेत्र में प्लाट व फ्लैट की बुकिंग अवैध है और इसमें खरीद व निवेश करने वालों को भी अवैध माना जाएगा।
ऐसे में इन सोसाइटी में निवेश करने से सलाह दी है। हरेरा की प्रदेश के दूसरे शहरों में भी विकसित हो रही सोसाइटी पर भी नजर बनाए हुए है और उनकी लिस्ट तैयार कर रही है जो बिना लाइसेंस मिले ही प्लाट व फ्लैट की बुकिंग कर रहे है। ऐसे में इन सोसाइटी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
लगभग 25 एकड़ जमीन पर बनाई हुई सोसाइटी
हरेरा की तरफ से जारी नोटिस के हिसाब से फरीदाबाद में दो सोसाइटी लगभग 25 एकड़ में बनाई गई, लेकिन अब तक इसका लाइसेंस नहीं है। इसमें 19.02 एकड़ की परियोजना (लाइसेंस संख्या 49, दिनांक 25 अगस्त 2009) तथा 5.95 एकड़ की परियोजना (लाइसेंस संख्या 78, दिनांक 9 अक्टूबर 2011) में किसी भी प्रकार का लेनदेन करने से बचने को कहा गया है।
नियमानुसार कोई भी प्रमोटर हरेरा से पंजीकरण प्राप्त किए बिना किसी रियल एस्टेट परियोजना में भूखंड, अपार्टमेंट या भवन का विज्ञापन, विपणन, बुकिंग, बिक्री अथवा बिक्री के लिए पेशकश नहीं कर सकता। परियोजनाओं का पंजीकरण अनिवार्य है। इन प्रविधानों का उल्लंघन करते हुए किया गया कोई भी लेनदेन मान्य नहीं होगा। ऐसे मामलों में होने वाले किसी भी नुकसान या विवाद के लिए प्राधिकरण की जिम्मेदारी नहीं होती।
आम लोगों को संभावित धोखाधड़ी और अवैध रियल एस्टेट लेनदेन से बचाने के लिए प्राधिकरण ने सलाह दी है कि निवेश या खरीदारी करने से पहले उसके पंजीकरण की पुष्टि हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण पंचकूला की आधिकारिक वेबसाइट www.haryanarera.gov.in पर जरूर करें। इससे खरीदारों को परियोजना की पंजीकरण स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और वे संभावित आर्थिक नुकसान से बचने के लिए उचित निर्णय ले सकेंगे।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।