त्योहारी सीजन में डीए का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को जल्द ही खुशखबरी मिलने वाली है। डीए की फाइनल मोहर कैबिनेट की बैठक में लगने वाली है। केंद्रीय कर्मचारियों के डीए बढ़ोतरी पर मोहर 21 अक्टूबर को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लग सकती है। यहां पर केंद्रीय कैबिनेट की सप्ताहिक बैठक होने वाली है।
इसमें प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को डीए के रूप में तोहफा दिया जा सकता है, क्योंकि केंद्रीय कर्मचारियों की डीए की किस्त पहले ही लेट हो चुकी है। जुलाई 2026 से डीए की किस्त बकाया है। ऐसे में त्योहारी सीजन ऊपर होने के कारण सरकार कल कैबिनेट की बैठक में इस पर मोहर लगा सकती है।
कर्मचारी संगठन बोले काफी हो चुकी है देर
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों का डीए पहले ही लेट हो चुका है। ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉइज फेडरेशन के राष्टीय अध्यक्ष डा. मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि पूरी उम्मीद है कि आगामी बुधवार की कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लग सकती है।
डीए में कितना बढ़ सकता है
देश के केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा डीए की गणना 12 माह की औसतन खुदरा महंगाई आंकड़ों के आधार पर की जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार इन आंकड़ों के हिसाब से केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 3 से 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि डीए बढ़ाने का अंतिम फैसला केंद्रीय कैबिनेट के द्वारा लिया जाना है।
डीए बढ़ोतरी के कितनी होगी सैलरी
केंद्रीय कर्मचारियों को अगर सरकार तीन प्रतिशत डीए की बढ़ोतरी करती है तो उनके वेतन में अच्छी वृद्धि होगी। अगर डीए 60 से बढ़कर 63 प्रतिशत होता है तो उनके मूल वेतन पर तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।
ऐसे में प्रत्येक कर्मचारी के वेतन में तीन प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी। ऐसे में अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50000 रुपये है तो उसके डीए में प्रति माह 1500 रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी।


