New Noida City : दिल्ली एनसीआर में बढ़ते हुई जनसंख्या व निवेश को देखते हुए नए शहर विकसित किए जा रहे है। जहां पर हरियाणा में एनसीआर के जिलों में नई आईएमटी स्थापित की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ यूपी में भी नए शहर बसाए जा रहे है। यूपी सरकार ने नोएडा से भी बड़ा नया शहर बसाने का परियोजना तैयार की है।
यह शहर हरियाणा के साथ लगते हुए यूपी के क्षेत्र की जमीन को अधिग्रहण करके बनाया जाएगा। सरकार ने इस नए शहर को 84 गांवों की जमीन पर बसाने का प्लान बनाया है। जहां पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण में यूपी सरकार द्वारा 37 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इन किसानों को दिल्ली एनसीआर के हिसाब जमीन के रेट मिलने वाले है।
ऐसे में 84 गांव की जमीन एक साथ बिकने के बाद यूपी के साथ हरियाणा में भी कृषि योग्य भूमि में बूम आने वाला है। प्रस्तावित न्यू नोएडा को एनसीआर में एक बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विनिर्माण, माल ढुलाई और भंडारण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र से जाना जाएगा
गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर की जमीन पर बसने वाले इस नए शहर को न्यू नोएडा के तौर पर जाना जाएगा, लेकिन अधिकारिक रूप से इसकी पहचान दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के नाम से जानी जाएगी।
गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों के 84 गांवों में लगभग 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित होगी। यह प्रोजेक्ट दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) ढांचे के तहत विकसित की जा रही है. इसका मकसद NCR में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए नई जगह उपलब्ध कराना है।
आवासीय विकास की बजाए स्थापित होंगे उद्योग
यूपी सरकार द्वारा बसाए जा रहे न्यू नोएडा में आवासीय की बजाए उद्योग पर फोकस किया जाएगा। इससे पहले नोएडा व ग्रेटर नोएडा में आवास के लिए विकसित किया गया है, लेकिन न्यू नोएडा में आवास की बजाए उद्योग पर ध्यान दिया जाएगा।
न्यू नोएडा में विनिर्माण और माल ढुलाई से जुड़ी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। मास्टर प्लान 2041 के तहत कुल क्षेत्रफल का करीब 40.27 प्रतिशत हिस्सा विनिर्माण और भारी लॉजिस्टिक्स के लिए निर्धारित किया गया है, इससे यहां औद्योगिक इकाइयों, गोदामों और माल के भंडारण एवं परिवहन से जुड़ी सुविधाओं के विकास का रास्ता खुलेगा।


