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झुग्गियों में कचरा बिनने वाली माँ का बेटा बना IAS, पहले प्रयास में क्रैक किया UPSC, जानिए गौतम की कहानी

झुग्गियों में कचरा बिनने वाली माँ का बेटा बना IAS, पहले प्रयास में क्रैक किया UPSC, जानिए गौतम की कहानी

Gautam Padibhar UPSC Success Story: यूपीएससी की परीक्षा को देश के सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल बड़े पैमाने पर बच्चे इस कठिन परीक्षा को देते हैं लेकिन इस कठिन परीक्षा को वही बच्चे पास कर पाते हैं जिनके अंदर जुनून होता है और कुछ कर गुजरने की इच्छा होती है। आज हम आपको एक ऐसे लड़के की कहानी बताएंगे जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी और मुश्किलों से लड़कर इस कठिन परीक्षा को पास कर दिखाया।

गौतम पाडीभार की कहानी इस बात की मिसाल है। गौतम की मां सड़क पर कचरा बीन कर उनके पढ़ाई का खर्च उठती थी क्योंकि उनके पिता के जाने के बाद उनके घर की आर्थिक स्थिति बिल्कुल खराब हो गई थी। सबसे पहले गौतम ने आईआईटी का सपना पूरा किया इसके बाद गौतम ने यूपीएससी की परीक्षा पास करके आईएफएस अफसर बनने का सपना भी पूरा कर दिखाया। तो आईए जानते हैं गौतम की कहानी...

पिता की मौत के बाद मां ने कचरा बीन कर पढ़ाया

गौतम ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के दौरान बताया कि उनकी मां कभी स्कूल नहीं गई लेकिन हमेशा उन्होंने पढ़ाई को महत्व दिया। पिता की मौत के बाद उनकी मां मुंबई के बस्तियों में कचरा बिनने का काम करती थी कई बार उनके घर में भुखमरी जैसे हालात हो गए लेकिन कभी भी गौतम की मां ने पढ़ाई नहीं रुकने दी।

गौतम की मां ने हमेशा यही पर्याप्त नहीं किया कि उनके बच्चे पढ़ाई को ज्यादा महत्व दें ताकि उनके जीवन में कोई समस्या ना रहे। गौतम ने बताया कि उनकी मां खुद का पेट काट कर भी अपने बच्चों की पढ़ाई करवाती थी।

नवोदय विद्यालय से पढ़े

गौतम के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था उन्हें नवोदय विद्यालय में पढ़ने का मौका तो मिला लेकिन आगे इंजीनियरिंग तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी।

सिविल सर्विस की तैयारी, UPSC IFS परीक्षा में रैंक-139

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने यूपीएससी इंडियन फॉरेस्ट सर्विस एग्जाम 2022 दिया और उन्हें इसमें सफलता भी मिली। उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला। गौतम कहते हैं कि उनकी सफलता में उनकी मां का योगदान है अगर उनके मन नहीं होती तो उन्हें कभी सफलता नहीं मिल पाती।