UPSC SUCCESS Story: यूपीएससी की परीक्षा देश के सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। कई बार असफल होने के बाद इस परीक्षा में सफलता मिलती है। यह परीक्षा सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि मेहनत और धैर्य भी मांगती है। आज हम आपको पंजाब के रहने वाली साहिला हीर की कहानी बताएंगे जिन्होंने कई बार मुश्किलों का सामना किया लेकिन हर नहीं मानी और अंत में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बन गई
तीन बार मिली नाकामयाबी
साहिला हीर को शुरुआती प्रयास में तीन बार नाकामयाबी मिली लेकिन चौथे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया में 572वी रैंक हासिल किया और आईएएस अधिकारी बन गई। फिलहाल साहिला बिहार के बक्सर जिले की जिलाधिकारी हैं। सिर्फ उनके मेहनत की कहानी खास नहीं है बल्कि उनकी लव स्टोरी भी बेहद खास है।
जालंधर से शुरू हुआ था सफर
साहिला का जन्म 2 फरवरी 1991 को पंजाब के जालंधर में हुआ और उनके परिवार में शिक्षा को काफी महत्व दिया जाता था। उनके पिता पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में चीफ इंजीनियर के पद से रिटायरमेंट ले चुके हैं और उनके माता भी सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी है।
बचपन से पढ़ाई में थी तेज
साहिला बचपन से पढ़ने में काफी तेज थी उन्होंने जालंधर से ही अपनी स्कूलिंग पुरी की इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि यही तक सीमित नहीं थी उन्होंने इवेंट मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट भी किया और इंजीनियरिंग और इवेंट मैनेजमेंट के बाद उनके पास नौकरी के विकल्प थे लेकिन उन्होंने सिविल सर्विसेज में जाने का फैसला किया।
उन्हें यूपीएससी की परीक्षा में तीन बार हार का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी चौथे प्रयास में उन्हें ऑल इंडिया में 572वी रैंक मिली । साहिला की कहानी कभी भी हार नहीं मानने की सीख देती है।
साहिला को त्रिपुरा कदर मिला था लेकिन शादी के बाद उन्होंने कदर बदल कर बिहार में अपनी पोस्टिंग कर ली। उनके पति नितिन कुमार सिंह भी एक आईएएस अधिकारी हैं। वह उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले हैं। हालांकि वह भी बिहार में ही पोस्टेड है। ट्रेनिंग के दौरान दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई और आज दोनों पति-पत्नी है।


