करौली की सड़कों पर दौड़ा जज्बा: पुलिस और आमजन ने फिटनेस मैराथन में मिलाया कदम
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में करौली में आयोजित मैराथन में पुलिस और युवाओं ने फिटनेस और आपसी विश्वास का संदेश दिया।
करौली। करौली जिला मुख्यालय पर बुधवार को एक विशेष मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया, जिसने शहर में फिटनेस और एकता का अनूठा माहौल बना दिया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस दौड़ में पुलिस बल के जवानों से लेकर शहर के आम नागरिकों और खेल प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का माध्यम बना, बल्कि पुलिस और जनता के बीच के संबंधों को और अधिक मजबूत करने का एक प्रयास भी रहा।
दौड़ का शुभारंभ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से हुआ, जहां से प्रतिभागी मुंशी त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम तक पहुंचे। इस दौरान रास्ते भर प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था। विशेष रूप से सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने इस मैराथन में अपनी पूरी ऊर्जा के साथ भाग लिया और फिटनेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। पुलिस अधिकारियों और जवानों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक अनुशासित और प्रेरणादायक स्वरूप प्रदान किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार कस्वां ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश भर में इस तरह की खेल गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का फिट रहना जहां उनके कार्यकुशलता के लिए आवश्यक है, वहीं आमजन को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना भी विभाग की प्राथमिकता है। इस तरह के आयोजनों से पुलिस और जनता के बीच संवाद का एक नया और सकारात्मक रास्ता खुलता है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस और आमजन के बीच आपसी विश्वास की झलक साफ दिखाई दी। एएसपी कस्वां ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के सामुदायिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा ताकि समाज में सुरक्षा और सहयोग का वातावरण बना रहे। उन्होंने कहा कि खेल और फिटनेस के माध्यम से जनता के साथ जुड़ना पुलिस के लिए एक सुखद अनुभव है।
मैराथन के समापन पर मुंशी त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में डीएसपी किशोर भदौरिया सहित कई पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव के लिए भी महत्वपूर्ण बताया। युवाओं की भारी भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि करौली के लोग फिटनेस और अनुशासन के प्रति बेहद जागरूक हैं।
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