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जयपुर टाइम्स
करौली

सपोटरा में जलभराव के नाम पर खानापूर्ति से भड़के लोग, तीन दिन का अल्टीमेटम

सपोटरा के वार्ड नंबर 5 में एमडीआर-111 पर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए केवल एक ट्रॉली ग्रेवल डालने से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क

सपोटरा, करौली। सपोटरा नगरपालिका के वार्ड नंबर 5 में एमडीआर-111 मार्ग पर जलभराव की समस्या ने अब गंभीर रूप ले लिया है। उपखंड कार्यालय से दुर्गाशाह वन पौधशाला तक के इस मार्ग पर नालियों का अभाव होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा समस्या के समाधान के नाम पर केवल एक ट्रॉली ग्रेवल डलवाने से स्थानीय निवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यह उपाय समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और इससे स्थिति में कोई सुधार नहीं होगा।

यह सड़क मार्ग सवाई माधोपुर जिले के नारायणपुर-टटवाड़ा क्षेत्र को त्रिनेत्र गणेश मंदिर से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस कारण यहाँ स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं और अन्य वाहन चालकों का भी निरंतर आवागमन बना रहता है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बना रहता है।

क्षेत्रवासियों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पूर्व में कागजों में नालियों का निर्माण दर्शाया गया है, जबकि मौके पर ऐसी कोई व्यवस्था मौजूद नहीं है। इस कथित निर्माण कार्य को लेकर अब भ्रष्टाचार के आरोप भी लग रहे हैं। निवासियों का कहना है कि यदि कागजों में काम हुआ है, तो धरातल पर नालियाँ क्यों नहीं बनीं, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांग है कि जल निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए और नालियों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

फिलहाल, क्षेत्र के लोग अपनी मांगों पर अडिग हैं और प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ग्रेवल डालने जैसे अस्थायी उपायों से संतुष्ट न होकर, अब वे एक ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं जो उन्हें हर बारिश के मौसम में होने वाली इस परेशानी से हमेशा के लिए मुक्ति दिला सके।

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