करौली में सेवा सेतु अभियान: राजस्व और जन समस्याओं के समाधान के लिए लगे विशेष शिविर
करौली जिले में रविवार को सेवा सेतु अभियान के तहत शिविरों का आयोजन, राजस्व, बिजली और पेंशन संबंधी समस्याओं का मौके पर ही हो रहा निस्तारण।

करौली। करौली जिले में आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ उनके निकटतम स्थानों पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार, 27 सितंबर को सेवा सेतु अभियान के तहत विशेष शिविरों का आयोजन किया गया है। जिला कलक्टर अक्षय गोदारा के निर्देशन में जिलेभर के गिरदावर सर्किल मुख्यालयों पर इन शिविरों की शुरुआत की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज को सरल बनाना और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
शिविरों में राजस्व विभाग से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें नामांतरण, खाता दुरुस्ती, सीमाज्ञान, रास्ते के विवादों का निपटारा और अतिक्रमण से संबंधित शिकायतों पर अधिकारी मौके पर ही कार्रवाई कर रहे हैं। इसके साथ ही, विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी सुगम बनाया गया है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है। राजस्व के अलावा, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे विभागों के प्रतिनिधि भी शिविरों में मौजूद हैं।
इन शिविरों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जनआधार कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना और बिजली-पानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी आवेदन लिए जा रहे हैं। संबंधित विभागों के कर्मचारी मौके पर ही पात्र लाभार्थियों की समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। यह बहु-विभागीय दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि एक ही स्थान पर नागरिकों को उनकी विभिन्न जरूरतों के लिए समाधान मिल सके।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इन शिविरों का आयोजन किया गया है। इनमें करौली तहसील के कैलादेवी और महोली, मासलपुर का कंचनपुर, हिण्डौन के महू इब्राहिमपुर और महमदपुर, श्रीमहावीरजी का पटोंदा, तथा सपोटरा के इनायती, कसेड़ और अमरगढ़ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मण्डरायल, टोडाभीम के पदमपुरा और करीरी, बालघाट के महस्वा और भोपुर, तथा नादौती के गुढ़ाचन्द्रजी, बड़ागांव और कैमला में भी शिविरों के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं।
जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिविरों में प्राप्त लंबित और नए आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। इन शिविरों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं के समाधान से आमजन में संतोष का भाव है और सरकारी तंत्र की पहुंच अधिक प्रभावी हुई है।
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