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करौली

कोटरा ढहर में सरपंच आरक्षण लॉटरी पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग

श्री महावीरजी पंचायत समिति की नवगठित ग्राम पंचायत कोटरा ढहर में सरपंच पद के आरक्षण को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मतदाता सूची और लॉटरी प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
कोटरा ढहर में सरपंच आरक्षण लॉटरी पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग

करौली। श्री महावीरजी पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली नवगठित ग्राम पंचायत कोटरा ढहर में सरपंच पद के लिए 24 सितंबर को आयोजित की गई आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का तर्क है कि पंचायत के पहले चुनाव में पारदर्शिता का होना अत्यंत आवश्यक है।

ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि ग्राम पंचायत में अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाताओं की संख्या लगभग 38 प्रतिशत है। उन्होंने मांग की है कि आधिकारिक मतदाता सूची और सरकारी अभिलेखों का मिलान कर एससी मतदाताओं की वास्तविक संख्या का सत्यापन किया जाए। ग्रामीणों का मानना है कि यदि मतदाता आंकड़ों में कोई विसंगति है, तो इसका सीधा असर आरक्षण निर्धारण पर पड़ता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया है कि कोटरा ढहर एक नवगठित पंचायत है, इसलिए इसके प्रथम चुनाव में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम और संबंधित सरकारी नियमों का अक्षरशः पालन होना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आरक्षण तय करते समय रोस्टर प्रणाली और चक्रानुक्रम के नियमों का सही ढंग से पालन किया गया है या नहीं। वे चाहते हैं कि प्रशासन पंचायत की कुल मतदाता संख्या का आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलान करे।

जांच की मांग में 24 सितंबर को हुई लॉटरी की पूरी प्रक्रिया शामिल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि लॉटरी में शामिल पंचायतों की सूची, आरक्षण श्रेणी, रोस्टर रजिस्टर, कार्यवाही विवरण और पंचनामा जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी अपेक्षा की है कि जांच पूरी होने के बाद उन्हें लिखित रूप में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। वे चाहते हैं कि इस मामले में की गई कार्रवाई और उसके परिणामों से उन्हें अवगत कराया जाए ताकि पंचायत के आगामी चुनावों को लेकर जनता का विश्वास बना रहे। प्रशासन की ओर से इस ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

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