ट्रांसफार्मर बदलने के लिए रिश्वत मांगना पड़ा भारी, डिस्कॉम का टेक्नीशियन रंगे हाथों गिरफ्तार
करौली में एसीबी की टीम ने जयपुर डिस्कॉम के एक टेक्नीशियन को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

हिण्डौन सिटी, करौली। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की करौली इकाई ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जयपुर डिस्कॉम के एक कर्मचारी को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। हिण्डौन सिटी स्थित डिवीजन कार्यालय परिसर में हुई इस कार्रवाई में टेक्नीशियन प्रथम एवं सहायक स्टोर कीपर जगदीश बैरवा को आठ हजार रुपये की नकदी के साथ रंगे हाथों दबोचा गया। आरोपी पर जले हुए विद्युत ट्रांसफार्मर के बदले नया ट्रांसफार्मर जारी करने की एवज में अवैध वसूली का आरोप है।
मामले की शुरुआत 14 सितंबर को हुई जब एक ग्रामीण परिवादी ने एसीबी करौली चौकी में शिकायत दर्ज कराई। परिवादी के अनुसार, उसका कृषि और घरेलू उपयोग वाला ट्रांसफार्मर जल गया था, जिसे बदलने के लिए वह स्टोर गया था। वहां मौजूद जगदीश बैरवा ने नया ट्रांसफार्मर देने के लिए नौ हजार रुपये की मांग की। एसीबी ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए गोपनीय जांच शुरू की और 16 सितंबर को रिश्वत की मांग का सत्यापन किया, जिसमें सौदा आठ हजार रुपये में तय हुआ।
मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे एसीबी की टीम ने एईएन कार्यालय परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी ने आरोपी को आठ हजार रुपये दिए, टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी राशि आरोपी की पैंट की जेब से बरामद कर ली गई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
एसीबी चौकी करौली के पुलिस निरीक्षक जगदीश भारद्वाज ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पद चाहे कोई भी हो, अवैध वसूली में लिप्त पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि किसी भी सरकारी काम के लिए रिश्वत की मांग होने पर डरें नहीं और तुरंत एसीबी के टोल-फ्री नंबर या व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर संपर्क करें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
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