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करौली नगर परिषद उपसभापति चुनाव: सियासी बिसात पर अमीनुद्दीन और बबलू शुक्ला की दावेदारी

करौली नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जहां कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
करौली नगर परिषद उपसभापति चुनाव: सियासी बिसात पर अमीनुद्दीन और बबलू शुक्ला की दावेदारी

करौली। करौली नगर परिषद में उपसभापति पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस की ओर से मनोनीत पार्षद अमीनुद्दीन खान ने अपना पर्चा दाखिल किया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने बबलू शुक्ला को मैदान में उतारा है। इस चुनावी मुकाबले ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि दोनों ही दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

आंकड़ों की बात करें तो कांग्रेस खेमा तीस पार्षदों के समर्थन का दावा कर रहा है। वहीं, पिछले सभापति चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को पच्चीस वोट मिले थे, जिसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में इस चुनाव को लेकर कयासों का दौर जारी है। दोनों दलों के बीच यह मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि पार्षदों का झुकाव ही अंतिम परिणाम तय करेगा।

अमीनुद्दीन खान की उम्मीदवारी ने लोगों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया है। वे पूर्व सभापति रशीदा खातून के पुत्र हैं। रशीदा खातून का कार्यकाल फर्जी पट्टे से जुड़े एक विवादित मामले के कारण चर्चा में रहा था, जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया था और यह मामला फिलहाल उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इस पृष्ठभूमि के कारण चुनाव का यह मुकाबला और भी अधिक संवेदनशील हो गया है।

पर्दे के पीछे की राजनीति भी कम नहीं है। राजनीतिक हलकों में पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना, उस्मान खान और अमीनुद्दीन खान के बीच हुई कथित बातचीत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, इन चर्चाओं के बावजूद किसी भी पक्ष की ओर से आगामी कार्यकाल के लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे सस्पेंस और गहरा गया है।

अब सभी की निगाहें मतदान के दिन पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्षद किस उम्मीदवार पर अपना भरोसा जताते हैं। इस चुनाव का परिणाम न केवल नगर परिषद के कामकाज को प्रभावित करेगा, बल्कि क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को भी नई दिशा देगा। फिलहाल, शहर में हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा है कि उपसभापति की कुर्सी पर कौन काबिज होगा।

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