श्रीमाधोपुर
मौन जुलुस में पानीडो बरसा दे म्हारा राम रे, ए उबी-उबी जोउ थारी बाट रे, श्रीमाधोपुर की यही पुकार, पानी लाये अब सरकार, नहर लाओ, श्रीमाधोपुर बचाओ आदि स्लोगन लिखी तख्तियों टी शर्ट पर लिखे नारो से संदेश दिया गया।
सुजलाम संस्थान की ओर से श्रीमाधोपुर के कई गांवों से होकर निकली आठ दिवसीय जल यात्रा का मौन जुलुस के साथ समापन हुआ। जिसमे आस पास के दर्जनों गांवों और श्रीमाधोपुर नगर से सैकड़ो महिला पुरुष युवक युवतियो ओर वरिस्ठ जनों सामाजिक संगठनों राजनीतिक दलों और समस्त जाती बिरादरी के लोगो ने उत्साह के साथ भाग लिया। सुजलाम संस्थान के डॉ. योगेश यादव एवं डॉ. कविता यादव के संयोजन में 12 अप्रैल से जारी जल यात्रा के समापन पर बुधवार को श्रीमाधोपुर के आदर्श विद्या मंदिर से मौन जुलुस निकाल कर समाज को पारंपरिक जल स्रोतों एवं वर्षा के जल का संरक्षण का संदेश दिया गया। मौन जुलुस में श्रीमाधोपुर की यही पुकार, पानी लाये अब सरकार, नहर लाओ, श्रीमाधोपुर बचाओ आदि स्लोगन लिखी तख्तियों से संदेश दिया गया। मौन यात्रा का श्रीगणेश बावड़ी आश्रम के संत ओंकारदास महाराज ने किया तथा जनता की मांग को जोरदार तरीके से उठाने के लिए अपना समर्थन और शुभकामनाएं प्रेषित की।
सुजलाम संस्थान के अध्यक्ष डॉ योगेश यादव के नेतृत्व में 50 से अधिक गांव की आठ दिन तक पदयात्रा कर पानी के लिए सरकार से गुहार की व पचास हजारज्यादा लोगो ने मांग पत्र पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर अभियान आगामी 10 दिन तक निरंतर जारी रहेगा .
संयोजक डॉ. योगेश यादव ने सिचाई की समस्या से श्रीमाधोपुर का किसान समुदाय की अगली पीढ़ी पढाई व दवाई की सुविधा कहां से करेगी? गांव व ढाणी पलायन को मजबूर है।उन्होनें कहा कि कि हमारे श्रीमाधोपुर के लोग पिछले 10-15 सालों से लगभग 1 साल में 25 से 30 हजार रुपए का पानी खरीद कर पीते हैं। सिंचाई के अभाव में खेत खलियान बंजर हो चुके हैं, जिसका मुख्य कारण नहर का नहीं आना है। डॉ यादव ने कहां की जल यात्रा का यह आवाज है अब यह यात्रा जन यात्रा बनकर गांव गांव में जाएगी गांव गांव में जलवाहिनी गठित की जाएगी जो जल संरक्षण के साथ-साथ नहर के मुद्दे पर जन जागरण करेगी.


