जयपुर। त्योहारों और पर्यटन सीजन के दौरान जयपुर की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में आगामी दो महीनों के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना और जाम की समस्या से आमजन को राहत दिलाना है।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यातायात सुधार के प्रयास केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर सड़कों पर दिखना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करने और व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए कहा है। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि यातायात डायवर्जन की व्यवस्था इस प्रकार की जानी चाहिए कि एक मार्ग को खाली कराने के चक्कर में दूसरे रास्तों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतते हुए पुलिस अब ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और बिना हेलमेट के सफर करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों पर रोड मार्किंग, साइन बोर्ड और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। सड़कों पर यातायात बाधित करने वाले अस्थायी अतिक्रमणों को हटाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं ताकि वाहन चालकों को पर्याप्त जगह मिल सके।
तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए बैठक में आईटीएमएस, कैमरा आधारित चालान और एएनपीआर तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर चर्चा हुई। ई-रिक्शा के संचालन को विनियमित करने और बसों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। डीजीपी ने कहा कि अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन फील्ड में मिले परिणामों के आधार पर किया जाएगा। सीमित संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर पुलिस बल को अधिक प्रभावी ढंग से तैनात किया जाएगा।
बैठक में यातायात महानिदेशक मालिनी अग्रवाल, एडीजी बी.एल. मीणा और जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुधारात्मक कदम उठाने पर सहमति जताई। त्योहारों के दौरान बाजारों और पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


