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जयपुर टाइम्स
सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर: सूरवाल बाइपास पर डंपर ने घर को रौंदा, तीन गायों की मौत के बाद पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

सवाई माधोपुर के सूरवाल बाइपास पर एक अनियंत्रित डंपर ने घर में घुसकर तीन गायों की जान ले ली, जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिसकर्मी पर धमकाने का आरोप लगाया है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क

सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर के सूरवाल बाइपास पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें बजरी से भरा एक अनियंत्रित डंपर सड़क किनारे बने एक मकान में जा घुसा। इस दुर्घटना में घर के परिसर में बंधी तीन गायों की मलबे और वाहन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डंपर चालक अत्यधिक नशे की हालत में था और वाहन को काफी तेज गति से चला रहा था। इसी लापरवाही के कारण चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वह सीधे रिहायशी मकान में जा टकराया। हादसे के तुरंत बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मामला तब और अधिक तनावपूर्ण हो गया जब मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भवानी पर ग्रामीणों ने धमकाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने घटना का विरोध करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की, तो उक्त पुलिसकर्मी ने उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिसकर्मी ने कार्रवाई करने के बजाय विरोध करने वालों पर ही मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में पुलिसकर्मी पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि पारदर्शी जांच ही आमजन का कानून और पुलिस प्रशासन पर विश्वास बहाल कर सकती है।

फिलहाल, डंपर चालक के नशे में होने और पुलिसकर्मी द्वारा ग्रामीणों को धमकाने संबंधी बातें केवल ग्रामीणों के आरोपों पर आधारित हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। वास्तविक स्थिति का पता आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा, जिसके लिए ग्रामीण लगातार दबाव बनाए हुए हैं।

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