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जयपुर टाइम्स
सवाई माधोपुर

तीन महीने की खामोशी के बाद रणथंभौर में फिर गूंजी सफारी की आवाज, नए सत्र का भव्य आगाज

रणथंभौर नेशनल पार्क के कोर एरिया में मानसून के बाद पर्यटन सत्र 2026-27 की शुरुआत हो गई है, जहां पर्यटकों का पारंपरिक स्वागत किया गया।

संवाददाता: माधो सिंह जाटव

सवाई माधोपुर। तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर नेशनल पार्क के कोर एरिया के द्वार गुरुवार, 1 अक्टूबर को पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिए गए। मानसून सत्र की समाप्ति के साथ ही रणथंभौर में पर्यटन सत्र 2026-27 का विधिवत आगाज हुआ। पहले ही दिन बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया, जिससे सवाई माधोपुर का पर्यटन क्षेत्र एक बार फिर गुलजार हो उठा है।

सत्र के पहले दिन वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जंगल के लिए रवाना किया गया। पार्क के प्रवेश द्वारों पर उत्सव जैसा माहौल था। पर्यटकों का स्वागत भारतीय संस्कृति और राजस्थानी परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर, सूत की माला पहनाकर और मुंह मीठा करवाकर किया गया। इस आत्मीय स्वागत से पर्यटक काफी उत्साहित दिखे और उन्होंने वनकर्मियों व गाइडों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक, उप वन संरक्षक मानस सिंह, डीसीएफ संजीव शर्मा और जिला कलेक्टर काना राम सहित वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इनके अलावा वन्यजीव प्रेमी, होटल व्यवसायी और स्थानीय गाइड भी इस शुभारंभ के साक्षी बने। हर साल 30 जून से 30 सितंबर तक मानसून के दौरान कोर एरिया को बंद रखा जाता है। यह निर्णय वन्यजीवों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने और मानसून में क्षतिग्रस्त हुए कच्चे रास्तों की मरम्मत के लिए लिया जाता है।

रणथंभौर के नए सत्र की शुरुआत से सवाई माधोपुर के पर्यटन कारोबार से जुड़े हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। पिछले तीन महीनों से सुस्त पड़ा कारोबार अब फिर से रफ्तार पकड़ने लगा है। होटल, रिसॉर्ट, जिप्सी-कैंटर संचालक और हस्तशिल्प कारोबारी इस सीजन को लेकर काफी आशान्वित हैं।

तीन महीने की खामोशी के बाद रणथंभौर के जंगलों में एक बार फिर सफारी वाहनों की आवाजाही और पर्यटकों की चहल-पहल लौट आई है। वन्यजीवों को देखने का रोमांच और जंगल की शांति के बीच पर्यटकों का यह सत्र यादगार रहने की उम्मीद है।

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