सवाई माधोपुर में कानूनी इकाइयों का सशक्तिकरण: बच्चों और जरूरतमंदों के लिए विशेष प्रशिक्षण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बच्चों, मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति से जुड़ी इकाइयों के लिए एक विशेष रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।

सवाई माधोपुर, 30 सितंबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, सवाई माधोपुर के एडीआर सेंटर में एक महत्वपूर्ण रिफ्रेशर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लीगल सर्विस यूनिट फॉर चिल्ड्रन और लीगल सर्विस यूनिट मनोन्याय के सदस्यों को उनके दायित्वों के प्रति अधिक संवेदनशील और सक्षम बनाना था, ताकि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक कानूनी सहायता की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान डॉन यूनिट और आशा यूनिट के सदस्यों के साथ विशेष बैठकें की गईं, जो क्रमशः नशा मुक्ति और बाल विवाह रोकथाम के लिए समर्पित हैं।
प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतीश वर्मा ने बच्चों से संबंधित मामलों में पुलिस की भूमिका और कानूनी प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। वहीं, एसडीएम मांगीलाल ने बाल विवाह के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों और रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी। मानव तस्करी विरोधी यूनिट के एएसआई सैयद अंसार अली ने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए बचाव के तरीकों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन की सुपरवाइजर मीना कुमारी ने गुमशुदा बच्चों की सहायता के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सिंधु शर्मा ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग से होने वाली हानियों और उनकी अवैध बिक्री को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। नालसा के थीम सॉन्ग और प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित सदस्यों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया।
इस आयोजन में शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम विभाग और विभिन्न दिव्यांग सेवा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अलावा, गंगापुर सिटी, खंडार, बौंली, बामनवास और चौथ का बरवाड़ा की तालुका विधिक सेवा समितियों के पैनल अधिवक्ता और अधिकार मित्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। यह सामूहिक प्रयास जिले में विधिक सेवाओं को अधिक सुदृढ़ और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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