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सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर में खाद संकट पर किसानों का फूटा आक्रोश, कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन को दी चेतावनी

सवाई माधोपुर में खाद की किल्लत और कालाबाजारी से परेशान किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने नकली खाद-बीज की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
सवाई माधोपुर में खाद संकट पर किसानों का फूटा आक्रोश, कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन को दी चेतावनी

सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर जिले में खाद की कथित किल्लत और बाजार में चल रही कालाबाजारी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। भूप्रेमी किसान संघर्ष मंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर काना राम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में खाद न मिलना उनके भविष्य के लिए बड़ा संकट बन गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खाद की आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

किसानों ने आरोप लगाया कि जिले की ग्राम सहकारी समितियां और सरकारी गोदाम खाली पड़े हैं, जिसके कारण उन्हें निजी दुकानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस मजबूरी का फायदा उठाकर कुछ विक्रेता खाद की बोरियां मनमाने दामों पर बेच रहे हैं। मंच के पदाधिकारियों के अनुसार, खाद की एक बोरी के लिए किसानों से 1,500 से 2,500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं और कई जगहों पर पक्के बिल भी नहीं दिए जा रहे हैं। यह स्थिति किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है।

ज्ञापन में खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ खाद विक्रेताओं और विभागीय अधिकारियों के बीच मिलीभगत हो सकती है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि दोषी विक्रेताओं के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

इसके अलावा, बाजार में बिक रहे खाद और बीज की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन इन उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराए। यदि जांच में खाद या बीज मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं, तो संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। किसानों का कहना है कि वे पहले ही मौसम की मार झेल रहे हैं, ऐसे में नकली खाद उनके लिए दोहरी मार साबित हो रही है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान मुकेश भूप्रेमी, शंकर लाल पटेल, रामसिंह सरपंच, रतन लाल मीणा, हेमराज भूप्रेमी, यशवंत भूप्रेमी, भवानी सिंह, मथुरा पटेल, रतिराम पटेल, अवधेश शर्मा, बका मोहम्मद और श्योदास मीणा सहित कई किसान मौजूद रहे। मंच ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो जिलेभर के किसान एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

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