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सवाई माधोपुर में चलती बस में ड्राइवर पर जानलेवा हमला, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

बन्धा क्षेत्र के ग्रामीणों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर बस ड्राइवर पर हुए हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सवाई माधोपुर में चलती बस में ड्राइवर पर जानलेवा हमला, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सवाई माधोपुर में चलती बस में ड्राइवर पर जानलेवा हमला, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर के बन्धा क्षेत्र में चलती बस के भीतर ड्राइवर के साथ हुई मारपीट और जानलेवा हमले की घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार को ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना 24 सितंबर को हुई थी, जब भगवतगढ़ से आ रही बस को निशाना बनाया गया।

ज्ञापन के अनुसार, ड्राइवर महेन्द्र योगी जब निन्दड़दा प्याऊ से सवारियां लेकर आगे बढ़े, तभी सात लोगों ने जबरन बस में प्रवेश किया। आरोप है कि महेन्द्र मीना, विक्रम, सुरेश मीना और उनके साथियों ने डंडों और लोहे की सरियों से ड्राइवर पर हमला कर दिया। हमले के कारण ड्राइवर का नियंत्रण स्टेयरिंग से हट गया और बस सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। गनीमत रही कि ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को रोक लिया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

आरोपियों ने ड्राइवर को बस से नीचे खींचकर बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यात्रियों के शोर मचाने पर हमलावर मौके से भाग निकले। घायल ड्राइवर को स्थानीय युवाओं की मदद से पहले सूरवाल अस्पताल और बाद में सवाई माधोपुर सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसी समूह ने जुलाई 2026 में भी बस मालिक के परिजनों पर हमला किया था, लेकिन उस समय प्रभावी कार्रवाई न होने से इनके हौसले बुलंद हो गए हैं।

पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने कंडक्टर से 12,500 रुपये की नकदी छीन ली और बस मालिक को जान से मारने की धमकी दी। ग्रामीणों ने इस मार्ग पर अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ भी आवाज उठाई है। उनका कहना है कि इन वाहनों के फिटनेस और बीमा संबंधी दस्तावेज संदिग्ध हैं, जिसकी शिकायत पहले भी परिवहन विभाग से की गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ड्राइवर और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और अवैध वाहनों के संचालन पर रोक लगाई जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीण सड़क जाम करने जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।