सवाई माधोपुर में पंचायत चुनाव की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक दलों ने प्रशासन पर बढ़ाया दबाव
सवाई माधोपुर में आगामी पंचायत चुनावों को भयमुक्त और पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने जिला निर्वाचन अधिकारी को संयुक्त ज्ञापन सौंपा है।

सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर में आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान प्रतिनिधियों ने चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करने की पुरजोर वकालत की।
ज्ञापन में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों के दौरान सामने आई बाड़ाबंदी, प्रशासनिक दबाव और आचार संहिता के उल्लंघन जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए आगामी पंचायत चुनावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि सरकारी मशीनरी का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग न हो और प्रशासन इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
प्रतिनिधियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि चुनाव के दौरान यदि किसी भी प्रत्याशी या मतदाता को धमकाने, प्रलोभन देने या दबाव बनाने की शिकायत प्राप्त होती है, तो उस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की स्वतंत्रता और चुनाव की निष्पक्षता सर्वोपरि है, जिसके साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
इस संयुक्त ज्ञापन को सौंपने वालों में कांग्रेस के राजेश पहाड़िया, कम्युनिस्ट पार्टी के रामगोपाल गुणसरिया, आम आदमी पार्टी के मुकेश भूप्रेमी और बसपा के अशोक कुमार सहित अन्य प्रमुख नेता शामिल रहे। इन नेताओं ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी को अनुचित लाभ न मिले और चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष रहे।
ज्ञापन के दौरान प्रतिनिधियों ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चुनाव कराने हैं तो उन्हें निष्पक्ष तरीके से कराया जाना चाहिए, अन्यथा चुनाव की औपचारिकता का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि आगामी चुनावों को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि आम जनता का लोकतंत्र में विश्वास बना रहे।
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