भजनलाल सरकार ने 21 माह में 129 मेलों से दी राजस्थान की संस्कृति को नई उड़ान
जयपुर। प्रदेश में कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने अल्प समय में उल्लेखनीय पहल की है। जानकारों के अनुसार, मात्र 21 माह में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 129 मेलों का आयोजन कर राजस्थान की परंपराओं, लोक संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, लोक नृत्य और संगीत को नई पहचान दी गई है।
सरकार की मंशा केवल विरासत के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पर्यटन और प्रदेश की इकोनॉमी से जोड़ने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। हाल ही में पहली बार सभी संभागीय मुख्यालयों पर सामूहिक घूमर नृत्य का भव्य आयोजन किया गया, जिसे वैश्विक स्तर पर सराहा गया। इसके माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिससे भविष्य में पर्यटन और उससे जुड़े कारोबार को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, अब तक हुए 129 मेलों में अधिकांश मेले प्रमुख धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक मंदिरों से जुड़े रहे। सरकार ने खाटू श्यामजी (सीकर), पूछरी का लोटा मंदिर (भरतपुर) सहित कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के विकास और विस्तार के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए हैं। पुष्कर मेले सहित विभिन्न मेलों में करोड़ों रुपए मूल्य के आकर्षक पशु, लोक नृत्य, लोक संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने देश-विदेश के पर्यटकों को खूब आकर्षित किया। सुनियोजित प्रबंधन और बेहतर सुविधाओं के कारण इन पारंपरिक मेलों का आकर्षण पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ा है।
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