Jaipur Times
ई-पेपरYT
HI/EN
जयपुर टाइम्स
राजस्थान

खाटूश्यामजी मंदिर के पास बनेगा नया रेलवे स्टेशन, लाखों श्रद्धालुओं का सफर होगा आसान

सीकर-रींगस रेलमार्ग पर पालसाना और बावड़ी ठिकरिया के बीच प्रस्तावित है नया स्टेशन, मंदिर से करीब 11 किलोमीटर रहेगी दूरी

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
खाटूश्यामजी मंदिर के पास बनेगा नया रेलवे स्टेशन, लाखों श्रद्धालुओं का सफर होगा आसान

नई दिल्ली/सीकर। विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए रेल यात्रा जल्द अधिक सुगम और सुविधाजनक हो सकती है। भारतीय रेलवे ने खाटूश्यामजी मंदिर के पास नया रेलवे स्टेशन विकसित करने की दिशा में काम शुरू करने की जानकारी दी है। प्रस्तावित स्टेशन सीकर-रींगस रेलखंड पर पालसाना और बावड़ी ठिकरिया रेलवे स्टेशनों के बीच बनाया जाएगा।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने श्री खाटूश्यामजी मंदिर ट्रस्ट और राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन से जुड़ी जानकारी साझा की। बैठक में खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेल संपर्क मजबूत करने और यात्री सुविधाओं का विस्तार करने पर चर्चा हुई।

प्रतिनिधिमंडल में सीकर के पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, राजस्थान सरकार में नगरीय विकास एवं आवासन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार झाबर सिंह खर्रा और श्री श्याम मंदिर कमेटी के प्रतिनिधि शामिल रहे।

रेल मंत्री ने बताया कि स्टेशन भवन के निर्माण से पहले परियोजना से संबंधित तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे। इसमें मौजूदा रेलवे लाइन से जुड़े इंजीनियरिंग कार्य, सिग्नलिंग व्यवस्था, नई रेल लाइन का निर्माण और उसे वर्तमान रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम शामिल होगा।

तकनीकी कार्य पूरे होने के बाद स्टेशन भवन का निर्माण शुरू किया जाएगा। परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान रेल संचालन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जाएगा।

प्रस्तावित रेलवे स्टेशन खाटूश्यामजी मंदिर से करीब 11 किलोमीटर की दूरी पर बनाया जाएगा। स्टेशन के शुरू होने से देश के विभिन्न हिस्सों से रेल मार्ग द्वारा खाटूश्यामजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रींगस रेलवे स्टेशन पहुंचकर सड़क मार्ग से खाटूश्यामजी जाते हैं। धार्मिक मेलों और विशेष अवसरों के दौरान रींगस तथा आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों का दबाव काफी बढ़ जाता है। नए स्टेशन के निर्माण से इस दबाव को कम करने में सहायता मिल सकती है।

प्रस्तावित स्टेशन भवन को राजस्थान की समृद्ध स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। स्टेशन परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रदेश की पारंपरिक वास्तुकला की झलक देखने को मिलेगी।

स्टेशन पर आधुनिक टिकट बुकिंग कार्यालय, विशाल प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, पेयजल और यात्रियों के अनुकूल अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। दिव्यांग यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

खाटूश्यामजी मंदिर में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। फाल्गुन मेले, एकादशी और अन्य विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हो जाती है।

नए रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर रेल सेवा उपलब्ध होने की उम्मीद है। साथ ही रींगस रेलवे स्टेशन और आसपास की सड़कों पर बढ़ने वाले यातायात के दबाव को भी कम किया जा सकेगा।

प्रस्तावित स्टेशन केवल धार्मिक यात्रियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि इससे सीकर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

रेल संपर्क बेहतर होने से होटल, धर्मशाला, भोजनालय, टैक्सी, बस, स्थानीय परिवहन और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और रोजगार में वृद्धि होने की उम्मीद है।

रेलवे स्टेशन के आसपास आधारभूत सुविधाओं का विकास होने से नजदीकी गांवों और कस्बों को भी बेहतर परिवहन सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

बैठक के दौरान मंदिर ट्रस्ट और राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेल सेवाओं और यात्री सुविधाओं का विस्तार करने की मांग रखी।

प्रतिनिधिमंडल ने श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने के लिए किए जा रहे रेलवे के प्रयासों पर रेल मंत्री का आभार भी जताया। रेलवे की ओर से कहा गया कि प्रस्तावित स्टेशन आधुनिक और यात्री-केंद्रित आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

नया स्टेशन बनने से सीकर, रींगस, खाटूश्यामजी और आसपास के क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी आवागमन के लिए अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा।

परियोजना पूरी होने के बाद खाटूश्यामजी मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक व्यवस्थित हो सकती है। हालांकि स्टेशन निर्माण की समय-सीमा और परियोजना की कुल लागत से संबंधित विस्तृत जानकारी तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है।

प्रतिक्रियाएं

0 कुल

टिप्पणियां

0 स्वीकृत

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।