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पीएम मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा: रक्षा, परमाणु ऊर्जा और व्यापार में बड़े समझौते; चेन्नई में होगा बिग बैश लीग का पहला मुकाबला

मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के बीच तीसरी वार्षिक शिखर वार्ता; समुद्री सुरक्षा, यूरेनियम आपूर्ति, साइबर तकनीक, शिक्षा और खेल सहयोग को मिली नई गति

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
पीएम मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा: रक्षा, परमाणु ऊर्जा और व्यापार में बड़े समझौते; चेन्नई में होगा बिग बैश लीग का पहला मुकाबला

मेलबर्न/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को नई रणनीतिक ऊंचाई देने वाला साबित हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 से 10 जुलाई 2026 तक ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की और मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ तीसरी भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर वार्ता में भाग लिया।

दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, असैन्य परमाणु सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज, साइबर तकनीक, शिक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी के गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच पहले व्यक्तिगत और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। बैठक में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के छह वर्ष पूरे होने पर अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई।

दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई मजबूती

दौरे के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर नया संयुक्त घोषणा-पत्र जारी किया। इसके तहत दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय, संयुक्त प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाई जाएगी।

दोनों देशों ने वार्षिक रक्षा मंत्रियों की वार्ता शुरू करने और समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई।

भारतीय तटरक्षक बल और ऑस्ट्रेलिया के मैरीटाइम बॉर्डर कमांड के बीच समुद्री कानून प्रवर्तन, समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित समझौता भी हुआ।

ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम आपूर्ति का रास्ता खुला

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में असैन्य परमाणु सहयोग से संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप देना शामिल रहा।

इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों के लिए यूरेनियम की दीर्घकालीन आपूर्ति का रास्ता खुलने की उम्मीद है। यह आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की सुरक्षा व्यवस्थाओं के अंतर्गत की जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह व्यवस्था भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को नई मजबूती प्रदान करेगी। दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति शृंखला में सहयोग बढ़ाने का भी निर्णय लिया।

साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों पर साझेदारी

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती तकनीकों और आपूर्ति शृंखला से संबंधित नई साझेदारी शुरू करने पर सहमति जताई।

इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण तकनीकी आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाना, डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा बढ़ाना तथा दोनों देशों के अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना है।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम में अपना सहयोग जारी रखने की बात कही।

व्यापार समझौते पर तेजी से आगे बढ़ेंगे दोनों देश

दोनों प्रधानमंत्रियों ने व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते यानी सीईसीए को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर खोलना तथा कारोबारियों के सामने आने वाली बाधाओं को कम करना है।

भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ऑस्ट्रेलिया के ‘फ्यूचर मेड इन ऑस्ट्रेलिया’ कार्यक्रमों के बीच विनिर्माण, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई उद्योग जगत को भारत में उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।

शिक्षा और कौशल विकास में नए अवसर

शिखर वार्ता में शिक्षा और कौशल विकास भी प्रमुख विषय रहे। ऑस्ट्रेलिया की फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी को बेंगलुरु में परिसर स्थापित करने के लिए आशय-पत्र दिया गया, जबकि विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के गुरुग्राम परिसर की दिशा में हुई प्रगति का भी स्वागत किया गया।

ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान में खनन और खनन उपकरणों से संबंधित उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है।

इससे भारतीय विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को आधुनिक खनन तकनीक, उपकरणों के उपयोग और सुरक्षा प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे।

मेलबर्न में भारतीय समुदाय को किया संबोधित

प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के बीच एक मजबूत ‘जीवंत सेतु’ बताया।

उन्होंने भारतीय समुदाय से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में अपने विचारों, अनुभव और विशेषज्ञता के माध्यम से योगदान देने का आह्वान किया।

ऑस्ट्रेलिया में करीब दस लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो शिक्षा, चिकित्सा, तकनीक, कारोबार और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पहुंचे मोदी और अल्बानीज

दौरे के अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने प्रतिष्ठित मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का दौरा किया।

इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान स्टीव वॉ और पूर्व महिला क्रिकेटर लिसा स्थालेकर सहित कई प्रसिद्ध खिलाड़ी उपस्थित रहे।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप जारी किया। इसके तहत खेल प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों का आदान-प्रदान, खेल विज्ञान, आधुनिक तकनीक, महिला खेल, पैरा खेल, खेल उद्योग और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।

युवा खिलाड़ियों के लिए भारत-ऑस्ट्रेलिया युवा खेल महोत्सव आयोजित करने की योजना भी इस रोडमैप में शामिल है।

रोडमैप के अनुसार बिग बैश लीग का भारत में पहला मुकाबला दिसंबर 2026 में चेन्नई में आयोजित किए जाने की योजना है। दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड भविष्य में भारत में नियमित रूप से बिग बैश लीग के मुकाबले आयोजित करने की संभावनाओं पर भी काम करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेल भारत और ऑस्ट्रेलिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने भारत में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और ऑस्ट्रेलिया में 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाला दशक खेल सहयोग और खेल उद्योग में निवेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आएगा।

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