NEET-UG पेपर 25 लाख रुपये तक बेचने का आरोप, सीबीआई जांच में बड़े नेटवर्क का खुलासा

सोशल मीडिया पर फिर छाया पुराना मामला; राजस्थान से महाराष्ट्र तक जुड़े बताए गए तार, मुख्य आरोपी समेत कई गिरफ्तार
जयपुर/नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र 25 लाख रुपये तक में बेचे जाने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि वायरल हो रही जानकारी कोई नया जुलाई का खुलासा नहीं, बल्कि मई 2026 में सामने आए कथित पेपर लीक प्रकरण से संबंधित रिपोर्टों का दोबारा प्रसार है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कथित पेपर लीक नेटवर्क ने परीक्षा के प्रश्नों को एक बड़े ‘गेस पेपर’ में शामिल कर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से 10 लाख से 25 लाख रुपये तक वसूले थे। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी की प्रारंभिक जांच में इस कथित गेस पेपर में वास्तविक परीक्षा से मेल खाते बड़ी संख्या में प्रश्न मिलने का दावा किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक इसमें जीव विज्ञान के सभी 90 और रसायन विज्ञान के 45 प्रश्न शामिल थे।
कई राज्यों तक फैला बताया गया नेटवर्क
जांच से जुड़ी रिपोर्टों में कथित नेटवर्क के तार राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और केरल सहित विभिन्न राज्यों तक फैले होने की बात सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई। ‘गेस पेपर’ के नाम पर प्रश्नों को अभ्यर्थियों तक पहुंचाने और इसके बदले लाखों रुपये लेने के आरोपों की जांच की जा रही है।
रसायन विज्ञान व्याख्याता को बताया गया कथित मुख्य स्रोत
सीबीआई और पत्र सूचना कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ने रसायन विज्ञान के व्याख्याता पी.वी. कुलकर्णी को इस मामले में कथित मुख्य स्रोत बताते हुए गिरफ्तार किया था।
सीबीआई का आरोप है कि कुलकर्णी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था और उसे NEET-UG के प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी। अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में उसने अन्य आरोपितों की सहायता से पुणे स्थित अपने आवास पर कुछ विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित कीं। इन कक्षाओं में कथित तौर पर विद्यार्थियों को प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर लिखवाए गए।
जांच एजेंसी के अनुसार, विद्यार्थियों की नोटबुक में लिखे गए कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा में आए प्रश्नों से मेल खाते पाए गए। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि ये प्रश्न आगे किन लोगों और कोचिंग नेटवर्क तक पहुंचाए गए तथा इसके बदले कितनी धनराशि वसूली गई।
बिचौलियों के माध्यम से बुलाए गए विद्यार्थी
जांच में यह आरोप भी सामने आया कि बिचौलियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेष कक्षाओं में बुलाया गया और उनसे कई लाख रुपये लिए गए। सीबीआई ने मामले में मुख्य आरोपी के साथ अन्य कथित सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया। जांच के दौरान मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नोटबुक और अन्य दस्तावेज जब्त कर उनकी फोरेंसिक जांच कराई गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच का दायरा जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, अहिल्यानगर और अन्य शहरों तक पहुंचा। अदालत में आरोपितों की हिरासत और न्यायिक रिमांड से संबंधित कार्यवाही भी जारी रही।
3 मई की परीक्षा रद्द, 21 जून को हुआ पुनर्परीक्षण
पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी गई थी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने आधिकारिक सूचना जारी कर 21 जून 2026 को देश और विदेश के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की थी।
एनटीए की बाद की सूचना के अनुसार, पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई और इसके बाद प्रोविजनल उत्तर कुंजी भी जारी की गई।
वायरल पोस्ट को लेकर जरूरी तथ्य
‘एक्स’ पर वायरल हो रही “NEET का पेपर 25 लाख रुपये में बेचा गया” वाली सूचना जुलाई 2026 का कोई नया खुलासा नहीं है। यह मई में सामने आए मामले और उस समय प्रकाशित जांच संबंधी रिपोर्टों को दोबारा साझा किए जाने से चर्चा में आई है।
25 लाख रुपये तक की राशि राजस्थान एसओजी की जांच से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों और आरोपों पर आधारित है। मामले में सीबीआई जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। आरोपितों को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माने जाएंगे।
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