सवाई माधोपुर। विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के प्रवेश द्वार के रूप में पहचाने जाने वाले सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था यात्रियों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। स्टेशन के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा के नाम पर लोहे के पाइपों का एक ऐसा जटिल जाल बिछाया गया है, जिसने यात्रियों के लिए आवागमन को बेहद कठिन बना दिया है। यह व्यवस्था सुरक्षा के बजाय यात्रियों के लिए एक भूलभुलैया जैसी बन गई है, जहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।
स्टेशन पर आने वाले पर्यटकों और नियमित यात्रियों को परिसर में प्रवेश करने से पहले ही भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। रणथंभौर घूमने आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के पास अक्सर बड़े सूटकेस और ट्रॉली बैग होते हैं, जो इन संकरे पाइपों के बीच फंस जाते हैं। इसके कारण यात्रियों की लंबी कतारें लग जाती हैं और स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। सामान्य कद-काठी के व्यक्ति के लिए भी बिना सामान के इन पाइपों के बीच से निकलना मुश्किल हो रहा है।
इस अव्यवस्था से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है। संकरे मार्ग के कारण एक बार में केवल एक ही व्यक्ति निकल सकता है, जिससे आने और जाने वाले यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की और बहस की स्थिति पैदा हो जाती है। जब राजधानी या जनशताब्दी जैसी प्रमुख ट्रेनें स्टेशन पर पहुंचती हैं, तो सैकड़ों यात्रियों का हुजूम एक साथ बाहर निकलने की कोशिश करता है, जिससे भगदड़ मचने का खतरा बना रहता है।
सवाई माधोपुर दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित एक व्यस्त जंक्शन है, जहां यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि इन अवरोधों की समीक्षा की जाए। लोगों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर यात्रियों की राह में रोड़ा अटकाने के बजाय, प्रशासन को आवागमन को सुगम बनाने के लिए वैकल्पिक और बेहतर उपाय अपनाने चाहिए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
