डीग। डीग जिले में वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन शिकंजा 2.0 के अंतर्गत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. के कुशल निर्देशन में सीकरी थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी को धर दबोचा है। यह गिरफ्तारी क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि 13 सितंबर 2026 को पीड़िता के पिता ने सीकरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 10 सितंबर 2026 की सुबह उनकी नाबालिग पुत्री पशुओं के लिए चारा लेने के उद्देश्य से खेत की ओर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में आरोपी आरिफ ने उसे जबरन रोककर उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया।
पीड़ित परिवार की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 330/2026 दर्ज किया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थानाधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसे आरोपी की तलाश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
लगातार प्रयासों के बाद 6 अक्टूबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना प्राप्त हुई। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने गुलपाड़ा बस स्टैंड के पास घेराबंदी की और आरोपी आरिफ, जो कुन्दन हाजी का पुत्र है और ककराला गांव का निवासी है, को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की उम्र 31 वर्ष बताई गई है। पूछताछ के दौरान अपराध की पुष्टि होने पर उसे नियमानुसार हिरासत में ले लिया गया है।
वर्तमान में पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी मुकेश कुमार के साथ कांस्टेबल अजीज सिंह, मनोज कुमार और भूपेन्द्र सिंह शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन शिकंजा 2.0 के तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

