हैदराबाद में कृषि सम्मेलन: केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने बताया किसानों की आय बढ़ाने का नया रोडमैप
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने हैदराबाद में आयोजित दक्षिणी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया ताकि कृषि क्षेत्र को और अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

हैदराबाद। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने शुक्रवार को हैदराबाद में आयोजित दक्षिणी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026 में हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी और लक्षद्वीप सहित कई दक्षिणी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करना और केंद्र तथा राज्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था, ताकि कृषि नीतियों को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले साढ़े बारह वर्षों में कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बीज से लेकर बाजार तक की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया। सरकार का प्रयास है कि कृषि अनुसंधान और आधुनिक तकनीक का लाभ सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचे। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ मिट्टी की सेहत सुधारने और रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य की खेती को टिकाऊ बनाया जा सके।
मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है, जिससे उन्हें खेती के दौरान वित्तीय संबल मिल सके। उन्होंने कहा कि गोवंश आधारित कृषि को बढ़ावा देने से न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की लागत में भी कमी आएगी। यह सम्मेलन स्थानीय अनुभवों को साझा करने और कृषि क्षेत्र की समस्याओं के सामूहिक समाधान खोजने के लिए एक सशक्त मंच साबित हुआ है।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर भी उपस्थित रहे। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रगतिशील किसान भी इस चर्चा का हिस्सा बने। सम्मेलन में इस बात पर सहमति बनी कि तकनीक और नवाचार के माध्यम से ही कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रीय सम्मेलनों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में एक नई गति लाई जाए, जिससे देश के हर किसान की आय में वृद्धि हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
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