राजस्थान पुलिस का बड़ा कदम: 73 हजार युवाओं को अपराध नियंत्रण में मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने वाई-सीएलजी सदस्यों को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नशा मुक्ति अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर। राजस्थान पुलिस ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग के दायरे को व्यापक कर दिया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों और यूथ-सीएलजी सदस्यों के साथ संवाद करते हुए अपराध रोकथाम में युवाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताया। वर्तमान में राज्य में 73,184 यूथ-सीएलजी सदस्य पुलिस के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं, जिन्हें अब साइबर सुरक्षा, महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यूथ-सीएलजी सदस्य पुलिस और आम जनता के बीच एक प्रभावी कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन सदस्यों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें ताकि स्थानीय स्तर पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय रहते पुलिस तक पहुंच सके। इस संवाद में अतिरिक्त महानिदेशक लता मनोज कुमार और उपमहानिरीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग की कार्ययोजना पर चर्चा की।
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए डीजीपी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशा विरोधी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के व्यापार को रोकने और युवाओं को जागरूक करने में यूथ-सीएलजी की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है। इसके साथ ही, साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए भी ये सदस्य आम लोगों को शिक्षित करने में सहयोग करेंगे, जिससे डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।
सूचनाओं के प्रसार में भी इन सदस्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है। पुलिस द्वारा जारी की जाने वाली जनहितकारी जानकारियों को सही रूप में जनता तक पहुंचाने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं की सत्यता की जांच करने में ये सदस्य पुलिस का हाथ बटाएंगे। इससे समाज में सुरक्षा का वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।
इस पूरी पहल की प्रभावशीलता की समीक्षा एक महीने बाद की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि पुलिस और युवाओं की यह संयुक्त भागीदारी राजस्थान को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के संकल्प को नई ऊर्जा देगी। इस पहल के माध्यम से न केवल अपराधों में कमी आएगी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का एक नया अध्याय भी शुरू होगा।
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