बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय में नवाचार और भविष्य की तकनीक पर जोर, इंजीनियर्स डे पर छात्रों ने दिखाए हुनर
बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय में सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती पर दो दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने तकनीकी कौशल और नवाचार का प्रदर्शन किया।

बीकानेर। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के यूसीईटी परिसर में महान अभियंता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती के उपलक्ष्य में दो दिवसीय राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे समारोह का आयोजन किया गया। इस वर्ष का कार्यक्रम नवाचार और डिजिटलीकरण के माध्यम से स्मार्ट इंजीनियरिंग पर केंद्रित रहा। समारोह का उद्घाटन कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग, वित्त नियंत्रक हनुमान प्रसाद शर्मा और प्राचार्य डॉ. परबंत सिंह संधू ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग की डिग्री केवल एक प्रमाण पत्र नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को टेक्नोलॉजी लीडर्स के रूप में तैयार करने का माध्यम है। उन्होंने आह्वान किया कि भावी इंजीनियरों को उद्योग की बदलती जरूरतों को समझते हुए समाज की समस्याओं के व्यावहारिक और नवीन समाधान खोजने चाहिए। उन्होंने सर विश्वेश्वरैया के आदर्शों को जीवन में उतारने पर विशेष बल दिया।
वित्त नियंत्रक हनुमान प्रसाद शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि रचनात्मकता और कौशल का समन्वय ही देश की प्रगति का आधार है। उन्होंने गणेश महोत्सव के संदर्भ में इंजीनियरिंग को जीवंत और संगठित स्वरूप का प्रतीक बताया। प्राचार्य डॉ. परबंत सिंह संधू ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग का वास्तविक उद्देश्य तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाना है।
समारोह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं ने छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा को मंच प्रदान किया। इसमें ब्रिज एंड टावर बिल्डिंग प्रतियोगिता और सी-लैंग्वेज कोडिंग हैकाथॉन मुख्य आकर्षण रहे। इसके अलावा वाद-विवाद, पोस्टर मेकिंग और प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्रों ने अपने तकनीकी विचारों को प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय के खोज सेल के तत्वावधान में प्रदर्शित किए गए सामाजिक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स और जमीनी स्तर के नवाचारों की शिक्षकों ने जमकर सराहना की। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
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