भरतपुर के थाने में पहुंचा आईपीएस अधिकारी का पारिवारिक विवाद, पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
खगड़िया एसपी भानुप्रताप सिंह की पत्नी ने भरतपुर में ससुरालजनों पर दरवाजा न खोलने और पति पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मामला अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है।

भरतपुर। बिहार कैडर के आईपीएस और खगड़िया के एसपी भानुप्रताप सिंह से जुड़ा एक पारिवारिक विवाद अब भरतपुर के मथुरा गेट थाने तक पहुंच गया है। एसपी की पत्नी पूजा ने अपने पति पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पति उनसे तलाक मांग रहे हैं और उनकी छह साल की बेटी को भी उनसे दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। इस विवाद के कारण पूजा को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
पूजा के अनुसार, उनकी और भानुप्रताप की मुलाकात 2015 में हुई थी, जिसके बाद उन्होंने 16 जनवरी 2016 को परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी की थी। पूजा ने बताया कि उन्होंने अपने पति के संघर्ष के दिनों में उनका पूरा साथ दिया और भरतपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम किया। उनका आरोप है कि पति के आईपीएस बनने के बाद से ही उनके व्यवहार में बदलाव आया है और अब वे इस रिश्ते को खत्म करना चाहते हैं।
जब पूजा बिहार से भरतपुर पहुंचीं, तो उन्हें पता चला कि उनके पति बेटी को लेकर वहां से जा चुके हैं। इसके बाद वे गीता कॉलोनी स्थित अपने ससुराल पहुंचीं, लेकिन वहां मौजूद परिजनों ने करीब एक घंटे तक गुहार लगाने के बावजूद दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद वे विजयनगर में अपनी ननद के घर भी गईं, लेकिन वहां भी उन्हें प्रवेश नहीं मिला। इस स्थिति ने उन्हें पूरी तरह से असहाय कर दिया है।
पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाते हुए मथुरा गेट थाने का रुख किया। पूजा का आरोप है कि वहां के एसएचओ ने उनके पति से फोन पर बात की और इसे केवल एक पारिवारिक मामला बताकर कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। न्याय की उम्मीद में पूजा देर रात तक थाने में ही बैठी रहीं, लेकिन उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी।
इस मामले से जुड़ा एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें आईपीएस भानुप्रताप सिंह का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और फैसला वहीं होगा। उन्होंने अपनी खराब तबीयत का हवाला देते हुए कहा है कि स्थिति सामान्य होने पर वे बातचीत के लिए तैयार हैं। भानुप्रताप सिंह ने 2018 से 2020 के बीच तीन बार यूपीएससी परीक्षा पास की थी और वे बिहार पुलिस के चर्चित अधिकारियों में गिने जाते हैं।
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