राजस्थान में बैंकिंग सुरक्षा और डिजिटल भूमि रिकॉर्ड एकीकरण पर जोर, एसएलबीसी की 170वीं बैठक संपन्न
जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम और यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस को ई-धरती पोर्टल से जोड़ने पर चर्चा की गई।

जयपुर। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान की 170वीं बैठक 3 सितंबर 2026 को जयपुर में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक और एसएलबीसी अध्यक्ष संजय बी. मुदलियार तथा राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव बी. श्रीनिवास ने की। बैठक में वित्तीय सेवाओं के आधुनिकीकरण और राज्य में बैंकिंग सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर व्यापक चर्चा की गई।
संजय बी. मुदलियार ने कहा कि साइबर अपराध आज बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है, जिसके लिए मजबूत सुरक्षा ढांचे और निरंतर जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि एसएलबीसी ने 'स्मार्ट बैंकिंग एवं सेफ बैंकिंग 2.0' अभियान के तहत 3,400 से अधिक शिविरों के माध्यम से 70,000 ग्राहकों को जागरूक किया है। इसके अलावा, आरबीआई के सहयोग से यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) को ई-धरती पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे भूमि अभिलेखों से संबंधित ऋण प्रविष्टियां अब पूरी तरह ऑनलाइन और सरल हो गई हैं।
मुख्य सचिव बी. श्रीनिवास ने साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की और बैंकों से रोकथाम के लिए सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने विकसित राजस्थान 2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए गरीब, युवा शक्ति, नारी शक्ति और अन्नदाता जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने बैंकों को सलाह दी कि वे क्रेडिट ग्रोथ के साथ-साथ वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों को भी प्राथमिकता दें ताकि समाज के अंतिम छोर तक संस्थागत वित्तीय सेवाएं पहुंच सकें।
एसएलबीसी की संयोजक प्रतिभा मिश्रा ने वार्षिक साख योजना और अटल पेंशन योजना में बैंकों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने सभी सदस्य बैंकों से चालू तिमाही में भी इसी प्रकार की कार्यकुशलता बनाए रखने का अनुरोध किया ताकि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
बैठक के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक राज कुमार मीना ने बैंकों के प्रदर्शन का तुलनात्मक प्रस्तुतिकरण दिया। इस दौरान राज्य सरकार के साथ बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लंबित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया और विभिन्न सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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