Jaipur Times
ई-पेपरYT
HI/EN
जयपुर टाइम्स
सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर में पुलिस का अनूठा प्रयोग: 'ड्रग वॉरियर' बनकर समाज को नशामुक्त बनाने की मुहिम

सवाई माधोपुर पुलिस ने 'ड्रग वॉरियर' अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य प्रेम और अपनत्व के जरिए नशे की समस्या को जड़ से खत्म करना है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
सवाई माधोपुर में पुलिस का अनूठा प्रयोग: 'ड्रग वॉरियर' बनकर समाज को नशामुक्त बनाने की मुहिम

सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ एक मानवीय और सामाजिक दृष्टिकोण अपनाते हुए 'ड्रग वॉरियर' अभियान का आगाज किया है। आईजी प्रीति चंद्रा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल नफरत के बजाय प्रेम और अपनत्व के माध्यम से नशे की बुराई को मिटाने पर केंद्रित है। यह अभियान 7 अगस्त से 7 सितंबर तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को इस लड़ाई में शामिल करना है।

अभियान की मूल अवधारणा 'पहले अपना परिवार, फिर मोहल्ला और फिर गांव' के सिद्धांत पर आधारित है। पुलिस का मानना है कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को अपराधी मानने के बजाय उसे परिवार और समाज के सहयोग की अधिक आवश्यकता है। यदि परिवार समय रहते समस्या को पहचान ले, तो पीड़ित को मुख्यधारा में वापस लाना काफी सरल हो जाता है। इसी दिशा में महिलाओं और युवाओं को बदलाव के प्रहरी के रूप में तैयार किया जा रहा है।

शिक्षा और चिकित्सा जगत को भी इस मुहिम से जोड़ा गया है। शिक्षकों से अपील की गई है कि वे शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त रखें और प्रभावित विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें उचित सहायता दिलाएं। वहीं, डॉक्टरों की भागीदारी से नशामुक्ति के प्रयासों को वैज्ञानिक और प्रभावी आधार मिलेगा। यह एक सामूहिक प्रयास है जिसमें पुलिस केवल एक सूत्रधार की भूमिका निभा रही है, जबकि मुख्य जिम्मेदारी समाज की है।

गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने सूचना देने के लिए विशेष व्हाट्सऐप नंबर जारी किए हैं। नागरिक 5 से 25 लोगों की टोली बनाकर अपने बीट कांस्टेबल या थानाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि आमजन बिना किसी डर के नशे के कारोबारियों और ठिकानों की जानकारी साझा कर सकें।

इस अभियान का सबसे आकर्षक पहलू 'नशामुक्त बीट' का प्रमाण-पत्र है। जब किसी क्षेत्र के निवासी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके इलाके में नशे की बिक्री नहीं हो रही है, तो पुलिस द्वारा सत्यापन के बाद उस क्षेत्र को सम्मानित किया जाएगा। यह प्रतिस्पर्धा न केवल स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि नशामुक्ति के प्रयासों को एक नई पहचान भी देगी। इस तरह, एक व्यक्ति के संकल्प से शुरू हुई यह क्रांति पूरे जिले को एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की ओर ले जाने का प्रयास है।

प्रतिक्रियाएं

0 कुल

टिप्पणियां

0 स्वीकृत

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।