जोजरी नदी प्रदूषण मामला: सीईटीपी ट्रस्ट के पूर्व एमडी समेत पांच गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जोधपुर में जोजरी नदी में औद्योगिक कचरा बहाने के मामले में पुलिस ने सीईटीपी ट्रस्ट के पूर्व प्रबंध निदेशक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

जोधपुर। जोजरी नदी में बढ़ते प्रदूषण और औद्योगिक कचरे के निस्तारण में बरती गई लापरवाही के बहुचर्चित मामले में जोधपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जोधपुर प्रदूषण नियंत्रण एवं अनुसंधान फाउंडेशन, जिसे सीईटीपी ट्रस्ट के नाम से जाना जाता है, के तत्कालीन प्रबंध निदेशक सहित पांच प्रमुख पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुल 18 ट्रस्टियों और पदाधिकारियों को आरोपी बनाया गया है, जिसके चलते आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तत्कालीन प्रबंध निदेशक जसराज बोथरा, कार्यकारी निदेशक नीलेश संचेती, कोषाध्यक्ष सांगसिंह परिहार, ट्रस्टी सुरेश खेमानी और सुपरवाइजर गोपाल शामिल हैं। इन सभी को विवेक विहार थाने में दर्ज एक मामले के तहत हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा ताकि मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
यह कार्रवाई राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। मई 2026 में प्रदूषण नियंत्रण मंडल, रीको और जल संसाधन विभाग की एक संयुक्त टीम ने सीईटीपी प्लांट का निरीक्षण किया था। जांच में यह पाया गया कि उपचार प्रक्रिया के दौरान आंशिक रूप से शोधित जल को सीधे जोजरी नदी में छोड़ा जा रहा था। इस गंभीर अनियमितता के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा और स्थानीय निवासियों के लिए सार्वजनिक उपद्रव की स्थिति पैदा हो गई।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 4 अगस्त को होनी है, जिससे ठीक पहले पुलिस का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नदी में अवैध पाइपलाइन के जरिए कचरा बहाने के खुलासे के बाद से ही प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए 306 कपड़ा इकाइयों को बंद करवा दिया था। इन इकाइयों के संचालन से जुड़े ट्रस्ट पर नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और सभी 18 नामजद आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। यह कार्रवाई औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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