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उत्तराखंड भर्ती घोटाला: ईडी ने 63 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय ने यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त किया है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
उत्तराखंड भर्ती घोटाला: ईडी ने 63 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। संघीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत लगभग 63.30 लाख रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। यह कार्रवाई उन संपत्तियों को निशाना बनाकर की गई है, जिन्हें कथित तौर पर भर्ती परीक्षाओं में हेरफेर के जरिए अर्जित अवैध धन से खरीदा गया था।

जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह ने 2016 और 2021 की वीडीओ और वीपीडीओ भर्ती परीक्षाओं के गोपनीय प्रश्नपत्रों को लीक किया था। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा के लिए नियुक्त प्रिंटिंग एजेंसी, मेसर्स आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस के कर्मचारियों ने बिचौलियों और कुछ सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।

जांचकर्ताओं ने पाया कि गोपनीय प्रश्नपत्रों को एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से उन उम्मीदवारों को बेचा गया, जिन्होंने परीक्षा में अनुचित लाभ पाने के लिए भारी रकम का भुगतान किया था। इस मामले में हाकम सिंह रावत का नाम मुख्य रूप से सामने आया है। एजेंसी का आरोप है कि रावत ने उम्मीदवारों से लगभग 95 लाख रुपये प्राप्त किए थे और इस अवैध कमाई को वैध दिखाने का प्रयास किया था।

एजेंसी द्वारा किए गए बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला कि रावत के खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा किया गया था, जो उसकी घोषित आय से मेल नहीं खाता था। उसने अपनी आयकर रिटर्न में जो कृषि आय दिखाई थी, वह वास्तव में की गई कृषि गतिविधियों के अनुपात में कहीं अधिक थी।

संपत्तियों की यह कुर्की भर्ती घोटाले के वित्तीय तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में धन के प्रवाह की गहन जांच कर रहा है ताकि घोटाले के अन्य लाभार्थियों की पहचान की जा सके और भर्ती प्रक्रिया की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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