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रेलवे का बड़ा कीर्तिमान: 99.6 फीसदी विद्युतीकरण के साथ भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर

भारतीय रेलवे ने अपने ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है, जिससे देश अब स्विट्जरलैंड के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर आ गया है।

रेलवे का बड़ा कीर्तिमान: 99.6 फीसदी विद्युतीकरण के साथ भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ी वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। देश के ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत हिस्सा अब पूरी तरह से बिजली से संचालित हो रहा है, जिससे भारत इस क्षेत्र में स्विट्जरलैंड के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। इस उपलब्धि ने चीन, जापान, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है, जो हरित ऊर्जा के उपयोग में भारत से पीछे हैं।

इस बदलाव की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2014 से पहले देश में केवल 21,801 किलोमीटर रेल मार्ग ही विद्युतीकृत थे। पिछले बारह वर्षों के दौरान रेलवे ने मिशन मोड पर काम करते हुए 48,072 किलोमीटर अतिरिक्त रेल लाइनों को इलेक्ट्रिक नेटवर्क से जोड़ा है। शेष बचे हुए थोड़े से नेटवर्क पर भी काम तेजी से चल रहा है, जिससे जल्द ही शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।

विद्युतीकरण के इस बड़े बदलाव का सीधा असर डीजल की खपत पर पड़ा है। साल 2015-16 में रेलवे द्वारा 293 करोड़ लीटर डीजल का उपयोग किया जाता था, जो 2024-25 तक घटकर 108 करोड़ लीटर के स्तर पर आ गया है। इस प्रकार कुल 185 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई है, जिससे रेलवे के परिचालन खर्च में भारी कमी आई है। उत्तर-पश्चिम रेलवे जैसे क्षेत्रीय मंडलों ने भी एक साल के भीतर 7.5 करोड़ लीटर डीजल बचाकर इस अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पर्यावरण की दृष्टि से भी यह बदलाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क मार्ग की तुलना में रेल परिवहन कहीं अधिक सुरक्षित और स्वच्छ है। एक टन माल को एक किलोमीटर तक सड़क से ले जाने पर 101 ग्राम कार्बन उत्सर्जन होता है, जबकि रेल मार्ग से यह उत्सर्जन घटकर मात्र 11.5 ग्राम रह जाता है। यह अंतर स्पष्ट करता है कि रेलवे का विद्युतीकरण देश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में कितनी बड़ी भूमिका निभा रहा है।

रेलवे के इस आधुनिकीकरण से न केवल ऊर्जा दक्षता बढ़ी है, बल्कि माल ढुलाई और यात्री सेवाओं को भी अधिक किफायती बनाया गया है। यह उपलब्धि भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ टिकाऊ विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। आने वाले समय में, पूरी तरह से इलेक्ट्रिक नेटवर्क के साथ भारतीय रेलवे वैश्विक स्तर पर एक मिसाल बनकर उभरेगा।

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