नीट परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, सरकार के हर कदम की होगी सीधी निगरानी
सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी परीक्षा में धांधली रोकने के लिए तदर्थ व्यवस्था को खारिज करते हुए सरकार से डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर ठोस कार्ययोजना मांगी है।

नई दिल्ली। नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि वह परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की निरंतर निगरानी करेगा। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि अब भविष्य में किसी भी प्रकार की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
न्यायालय ने परीक्षा संचालन में अपनाई जा रही तदर्थ यानी अस्थायी व्यवस्थाओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। अदालत का मानना है कि पिछले कई वर्षों से चली आ रही ये अस्थायी व्यवस्थाएं ही समस्याओं की जड़ रही हैं। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वह अब ऐसी व्यवस्थाओं को छोड़कर एक स्थायी और अभेद्य प्रणाली विकसित करे। विशेष रूप से, अगले साल से नीट-यूजी को कंप्यूटर आधारित टेस्ट के रूप में आयोजित करने की योजना को देखते हुए, अदालत ने साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण पर एक ठोस और पुख्ता योजना की मांग की है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की निगरानी सरकार के सर्वोच्च कार्यकारी स्तर पर की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि सरकार अगले सप्ताह संसद में एक नया विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इस प्रस्तावित कानून में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ अत्यंत सख्त प्रावधान शामिल किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल इस विधेयक के मसौदे पर चर्चा कर इसे अंतिम रूप देगा, ताकि मॉनसून सत्र के दौरान इसे जल्द से जल्द पारित कराया जा सके।
सुप्रीम कोर्ट का यह हस्तक्षेप लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अदालत की निगरानी से अब यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि परीक्षा प्रणाली न केवल पारदर्शी हो, बल्कि आधुनिक डिजिटल चुनौतियों से निपटने में भी सक्षम हो।
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