अमरनाथ यात्रा पर संकट: खराब मौसम के कारण दर्शन किए बिना ही घर लौट रहे अलवर के श्रद्धालु
भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे के चलते अमरनाथ यात्रा को समय से पहले स्थगित कर दिया गया है, जिससे अलवर के कई तीर्थयात्री दर्शन किए बिना वापस लौटने को मजबूर हैं।

अलवर। खराब मौसम, भारी बारिश की चेतावनी और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा कारणों से अमरनाथ यात्रा को समय से पहले ही रोक दिया गया है। पहलगाम और बालटाल दोनों ही मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता और रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक यात्रा को फिर से शुरू नहीं किया जाएगा।
इस अचानक आए बदलाव के कारण अलवर जिले से गए कई श्रद्धालु बीच रास्ते में ही फंस गए थे। हालांकि, इन भक्तों का उत्साह अब भी बरकरार है। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा की इच्छा होगी तो वे दोबारा दर्शन के लिए जरूर आएंगे। अलवर के विभिन्न क्षेत्रों से गए तीर्थयात्री अब वापस अपने घरों की ओर रुख कर रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि वे कटरा और सोनमर्ग जैसे पड़ावों पर कई दिनों तक इंतजार करने के बाद सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करते हुए वापस लौटने का निर्णय लिया है।
थानागाजी, गोविंदगढ़ और रामगढ़ से गए जत्थों ने बताया कि वे पूरी श्रद्धा के साथ निकले थे, लेकिन प्रकृति के आगे उन्हें झुकना पड़ा। रामबन से आगे का रास्ता बंद होने के कारण उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली। तीर्थयात्रियों ने साझा किया कि हालांकि वे बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर पाए, लेकिन इस यात्रा के दौरान मिले अनुभवों और भक्ति भाव से वे निराश नहीं हैं।
यात्रा के स्थगित होने का असर बेस कैंपों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अलवर के सेवा मंडलों द्वारा बालटाल में लगाए गए भंडारे अब खाली हो चुके हैं। सोमवार तक जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और रौनक हुआ करती थी, वहां अब केवल टेंट ही नजर आ रहे हैं। सेवा मंडल के स्वयंसेवक भी अब वापस लौट रहे हैं, जिससे पूरा इलाका सूना पड़ गया है।
प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें और खराब मौसम के दौरान जोखिम न उठाएं। अलवर के श्रद्धालु अब सुरक्षित वापसी की राह पर हैं और उनमें से कई ने भविष्य में फिर से यात्रा करने का संकल्प लिया है। फिलहाल, सभी की प्राथमिकता सुरक्षित घर पहुंचना है।
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