राजस्थान: नशामुक्ति शिविर की आड़ में चल रहा था खेल, आयोजकों की कार से मिलीं हजारों प्रतिबंधित गोलियां
बालोतरा के धोरीमन्ना में नशामुक्ति शिविर के बाद पुलिस ने एक कार से 8,170 प्रतिबंधित गोलियां और नकदी बरामद की, तीन आरोपी गिरफ्तार।

बालोतरा। बालोतरा जिले के धोरीमन्ना कस्बे में एटीएस और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त कार्रवाई ने नशामुक्ति शिविरों की आड़ में चल रहे अवैध धंधे का पर्दाफाश किया है। मंगलवार शाम को पुलिस ने एक कार को रोका, जिसमें सवार तीन लोग एक शिविर का आयोजन करने के बाद वापस लौट रहे थे। तलाशी के दौरान वाहन से 8,170 प्रतिबंधित नशीली गोलियां और 1.78 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई।
पुलिस ने कार में सवार महेंद्र वहराड़े, उसके सहयोगी कपिल और चालक छोटूसिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी इन दवाइयों के संबंध में कोई भी वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र पेश नहीं कर सके। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी उदयपुर से धोरीमन्ना आए थे और वहां नशामुक्ति शिविर का आयोजन किया था। पुलिस को संदेह है कि इन शिविरों के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूली जाती थी और उन्हें प्रतिबंधित दवाइयां दी जाती थीं। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि ये दवाइयां कहां से लाई गई थीं और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
धोरीमन्ना थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या ये लोग लंबे समय से इस तरह के शिविरों की आड़ में अवैध दवाओं का वितरण कर रहे थे। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर होने वाले आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध शिविर या स्वास्थ्य कार्यक्रम में भाग लेने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। पुलिस का कहना है कि नशा मुक्ति के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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