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बाड़मेर: 8 करोड़ की पेयजल परियोजना से 20 पंचायतों के 40 हजार लोगों को मिलेगा पानी

बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी के प्रयासों से 1990 के दशक की पुरानी पेयजल योजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए 8 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 20 ग्राम पंचायतों की 40 हजार आबादी को लाभ मिलेगा।

संवाददाता: Rameshwar Lal Jat
बाड़मेर में पेयजल परियोजना के लिए पाइपलाइन कार्य का प्रतीकात्मक दृश्य
बाड़मेर में पेयजल परियोजना के लिए पाइपलाइन कार्य का प्रतीकात्मक दृश्य

*8 करोड़ से 20 पंचायतों के 40 हजार लोगों तक पहुंचेगा पेयजल*

-बाडमेर में विकास के कीर्तिमान स्थापित कर रही है विधायक डॉ प्रियंका चौधरी।

-शिक्षा, पेयजल, सड़कों के लिए सरकार से बाड़मेर को दिला चुकी है करोड़ों का बजट।

-विधायक बोलीं - सिर्फ एक ही उद्देश्य क्षेत्र का विकास हो,जनता की समस्याओं का कर रही है समाधान।

*डालू जाखड़/जयपुर टाइम्स रावतसर/बाड़मेर*

1990 के दशक की पेयजल स्कीमों को अब फिर से जिंदा करने के लिए बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी के प्रयासों को 8 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। 20 ग्राम पंचायतों के करीब 40 हजार लोगों को इसका फायदा मिलेगा।

इन पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल का काम तो एक साल पहले ही हो गया था, लेकिन नहरी पानी नहीं मिलने से नल सूखे पड़े थे। इस पर विधायक ने जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। विस्तृत प्लान तैयार किया।

अब डीएमएफटी फंड से 8 करोड़ रुपए काटय जड स्वीकृत किया गया है। 35 साल बाद अब इन गांवों में पुरानी पेयजल योजना को जिंदा कर 40 हजार की आबादी तक पानी पहुंचाया जाएगा।

इसके लिए ग्रामीणों की ओर से पहले भी धरना-प्रदर्शन हुए। ज्ञापन दिए गए। इसके बाद अब ग्रामीणों को यह सौगात मिली है। जेजेएम योजना के तहत कनेक्शन होने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा था।

4 पंप हाउस, 3 जलाशय, नए पंप लगेंगे, 50 किमी. लाइनें बिछेगी

बाड़मेर. कवास की पुरानी पेयजल परियोजना।

*जोगासरिया-कवास-भूरटिया व मातासर योजना*

इस योजना से जोगासरिया, कवास, मातासर होते हुए भूरटिया तक नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। 1990 में जोगासरिया जलप्रदाय स्कीम थी। इससे इसी इलाके के गांवों तक पानी पहुंचता था। अब 20 किमी. लंबी राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा 6 किमी. वितरण पाइपलाइन बिछेगी। जोगासरिया में 5 नए ट्यूबवेल खोदे जाएंगे। कवास, भूरटिया, मातासर में तीन नए पंप हाउस बनेंगे। 3 स्वच्छ

जलाशय बनेंगे। इससे 6 ग्राम पंचायतों के 13 गांवों की करीब 20 हजार आबादी लाभान्वित होगी। इंदिरा गांधी नहर का पानी नहीं पहुंचने से अब इन गांवों के लिए ट्यूबवेल का पानी नई पाइपलाइन के जरिए लोगों के घरों तक पहुंचाया जाएगा। इन गांवों में जेजेएम के तहत घर-घर कनेक्शन हुए करीब एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। इस जलप्रदाय योजना के लिए 5.32 करोड़ रुपए का बजट मांगा गया था।

*नागाणा-पूनियों की ढाणी हेडवर्क्स योजना*

1990 के दशक की वर्षों पुरानी और जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों को बदलकर नई लाइन बिछाई जाएगी। इससे टेल-एंड तक पानी का सही दबाव सुनिश्चित हो सकेगा। इन दोनों योजनाओं के पूरे होने से अब हजारों परिवारों को न केवल शुद्ध और नियमित पेयजल मिल सकेगा, बल्कि बाड़मेर की ग्रामीण बेल्ट में ग्रीष्मकाल के दौरान होने वाले भीषण जल संकट से भी स्थायी रूप से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। इसमें नागाणा से पूनियों की ढाणी तक जर्जर पाइपलाइनों को बदला जाएगा।

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