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गंगाधरा अलखधाम में 'ग्रीनमैन' विरल देसाई ने प्रकृति संरक्षण का अनूठा संदेश दिया

पर्यावरणविद् विरल देसाई ने आषाढ़ी दूज के अवसर पर गंगाधरा स्थित श्री शिवशक्ति रामदेव अलखधाम में हजारों पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
गंगाधरा अलखधाम में 'ग्रीनमैन' विरल देसाई ने प्रकृति संरक्षण का अनूठा संदेश दिया

सूरत, गुजरात। आषाढ़ी दूज के पावन पर्व पर दक्षिण गुजरात के प्रसिद्ध श्री शिवशक्ति रामदेव अलखधाम में आध्यात्मिकता और पर्यावरण चेतना का एक अनूठा संगम देखने को मिला। पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित विरल देसाई, जिन्हें 'ग्रीनमैन' के नाम से जाना जाता है, ने इस अवसर पर एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया। पलसाना के निकट स्थित यह अलखधाम, जिसे मिनी रणूजा के रूप में भी जाना जाता है, इस दिन ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति का साक्षी बना। बाबा रामदेव पीर के दर्शन के लिए आए भक्तों के बीच देसाई ने हजारों पौधे वितरित किए, ताकि हर व्यक्ति प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझ सके।

मंदिर के गादीपति योगेश्वर बापू की उपस्थिति में, मंदिर परिसर की गौशाला में बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए। यह पहल न केवल हरियाली बढ़ाने का एक प्रयास थी, बल्कि यह संदेश भी था कि ईश्वर की भक्ति और प्रकृति की सेवा एक-दूसरे के पूरक हैं। विरल देसाई ने कहा कि आषाढ़ी दूज के दिन इस पवित्र स्थान पर पौधारोपण करना उनके लिए किसी दैवीय आदेश के समान है। उन्होंने अपने 'सत्याग्रह अगेंस्ट पोल्यूशन एंड क्लाइमेट चेंज' अभियान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना ही आज के समय में भक्ति का सबसे श्रेष्ठ मार्ग है।

इस आयोजन के दौरान योगेश्वर बापू के साथ हुई चर्चा ने पर्यावरण और आध्यात्मिकता के गहरे संबंधों को रेखांकित किया। देसाई ने बताया कि सूरत शहर में सात अर्बन फॉरेस्ट विकसित करने के बाद, अब उनका ध्यान शहर के बाहरी इलाकों में ग्रीन कवर को विस्तार देने पर केंद्रित है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इन पौधों को केवल लगाएं ही नहीं, बल्कि उनकी देखभाल भी करें ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ वातावरण मिल सके।

यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता फैलाने के लिए धार्मिक आयोजनों का मंच कितना प्रभावी हो सकता है। हजारों लोगों तक पर्यावरण का संदेश पहुंचाकर, इस पहल ने न केवल स्थानीय स्तर पर हरियाली को बढ़ावा दिया है, बल्कि लोगों के मन में जलवायु परिवर्तन के प्रति गंभीरता भी पैदा की है। विरल देसाई का यह प्रयास आने वाले समय में क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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