Jaipur Times
ई-पेपरYT
HI/EN
जयपुर टाइम्स
पाली

पाली: सुमेरपुर के किसान का कुआं एक महीने से अंधेरे में, बिजली विभाग की लापरवाही से फसलें संकट में

सुमेरपुर के कोरटा गांव में एक किसान पिछले एक महीने से बिजली बहाली के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन 11 केवी लाइन की मरम्मत नहीं हो पाई है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
पाली: सुमेरपुर के किसान का कुआं एक महीने से अंधेरे में, बिजली विभाग की लापरवाही से फसलें संकट में

सुमेरपुर। सुमेरपुर उपखंड के कोरटा गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक किसान का कृषि कुआं पिछले एक महीने से अधिक समय से बिजली आपूर्ति से वंचित है। खेत तक जाने वाली 11 केवी विद्युत लाइन और पोल के धराशायी होने के बाद से सिंचाई पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे किसान की खड़ी फसलें सूखने की कगार पर हैं। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि उसने विभागीय अधिकारियों के दफ्तरों के कई चक्कर लगाए, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन ही मिला।

किसान का कहना है कि उसने पहले ही विभाग को लिखित में सूचित कर दिया था कि बिजली की लाइन पेड़ में उलझी हुई है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग ने इस चेतावनी को नजरअंदाज किया, जिसके परिणामस्वरूप तेज हवा और बारिश के दौरान पोल गिर गया और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। इसके बाद से ही किसान लगातार कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता के कार्यालयों के बीच भटक रहा है।

पीड़ित ने बताया कि विभाग ने मरम्मत के लिए जो भी शर्तें रखीं, उसने उन्हें पूरा किया। अपने खर्च पर पेड़ कटवाने से लेकर पोल के आसपास का क्षेत्र खाली करने तक, किसान ने हर निर्देश का पालन किया। इसके बावजूद, विभाग की ओर से लाइन को दुरुस्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सिंचाई के लिए पानी न मिलने से किसान की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं और उसे भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

इस मामले ने ग्रामीणों में भारी रोष पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक किसान की समस्या नहीं, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली की विफलता का उदाहरण है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से बिजली लाइन की मरम्मत कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

प्रतिक्रियाएं

0 कुल

टिप्पणियां

0 स्वीकृत

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।