सीकर जिला परिषद वार्ड 37: पीसीसी सचिव हरिसिंह रूण्डला ने पेश की कांग्रेस टिकट के लिए मजबूत दावेदारी
पीसीसी सचिव और अनुभवी नेता हरिसिंह रूण्डला ने सीकर जिला परिषद के वार्ड नंबर 37 से कांग्रेस टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।

सीकर। राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की सरगर्मियों के बीच सीकर जिला परिषद के वार्ड नंबर 37 से कांग्रेस पार्टी के टिकट के लिए पीसीसी सचिव और अनुभवी नेता हरिसिंह रूण्डला ने अपनी प्रबल दावेदारी पेश की है। उनके राजनीतिक कद और सांगठनिक पदों पर लंबे अनुभव को देखते हुए क्षेत्र में उनके नाम की चर्चा जोरों पर है। उनकी इस दावेदारी को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो स्थानीय स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकता है।
वर्तमान में हरिसिंह रूण्डला राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और परबतसर विधानसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक के तौर पर सक्रिय हैं। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और प्रशासनिक समझ को देखते हुए स्थानीय कार्यकर्ताओं में उनके नाम को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। वार्ड नंबर 37 के चुनावी समीकरणों में उनकी उपस्थिति को एक प्रभावशाली दावेदारी के रूप में देखा जा रहा है, जो पार्टी के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
रूण्डला का राजनीतिक सफर काफी लंबा और विविध रहा है। वे राजस्थान सरकार के बीसूका यानी 20 सूत्री कार्यक्रम के प्रदेश स्तरीय सदस्य भी रह चुके हैं। इसके अलावा, वर्ष 2010 से वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सेवादल में संगठक और अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय प्रशिक्षक के रूप में लगातार कार्य कर रहे हैं। सांगठनिक ढांचे में उनकी गहरी पैठ और कार्यकर्ताओं के साथ उनका सीधा जुड़ाव उन्हें अन्य दावेदारों से अलग खड़ा करता है।
उनके राजनीतिक अनुभव की शुरुआत ब्लॉक स्तर से हुई थी। उन्होंने 1995 से 2000 तक ब्लॉक युवक कांग्रेस खण्डेला के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके बाद, 2000 से 2005 तक उन्होंने जिला युवक कांग्रेस सीकर के संयोजक की जिम्मेदारी संभाली। साथ ही, 2007 से 2010 तक वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सेवादल के सचिव भी रहे। इन विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने संगठन को धरातल पर मजबूत करने का काम किया है, जिसका लाभ उन्हें अब मिल सकता है।
इन तमाम उच्च सांगठनिक पदों के अनुभव और प्रशासनिक समझ के चलते वार्ड नंबर 37 से उनकी यह दावेदारी बेहद प्रभावशाली मानी जा रही है। स्थानीय राजनीति के जानकारों का मानना है कि रूण्डला की जमीनी पकड़ और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाती है। अब सभी की निगाहें पार्टी आलाकमान के फैसले पर टिकी हैं कि वे इस महत्वपूर्ण वार्ड के लिए किसे अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित करते हैं।
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