जयपुर-नेशनल हाईवे पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, पेड़ पर छिपे मिले लकड़ी तस्कर
भरतपुर के हलैना में वन विभाग ने 2.5 टन हरी लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा। नाकाबंदी तोड़कर भागे तस्करों को पेड़ पर छिपे होने पर दबोचा गया।
हलैना, भरतपुर। भरतपुर जिले के हलैना क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने अवैध वन कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जयपुर-नेशनल हाईवे-21 पर बाणगंगा नदी के मालोनी पुल के पास विभाग ने करीब 2.50 टन हरी लकड़ी से लदा एक ट्रक जब्त किया है। यह लकड़ी दौसा जिले के सिकंदरा से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ले जाई जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
उप वन संरक्षक पी. बालामुरुगन के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत गुरुवार-शुक्रवार की मध्यरात्रि को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर आमोली टोल प्लाजा पर नाकाबंदी की गई। जब तिरपाल से ढका ट्रक वहां से गुजरा, तो टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया। चालक ने नाकाबंदी तोड़ दी और ट्रक लेकर भाग निकला। वन विभाग की टीम ने पीछा किया, जिसके बाद चालक ट्रक को मालोनी पुल के पास एक होटल के निकट छोड़कर फरार हो गया।
फरार आरोपियों की तलाश के दौरान वनपाल अजय सिंह की नजर पास ही स्थित एक पेड़ पर पड़ी, जहां चालक सौरभ मीना और खलासी मुरारी मीना छिपे हुए थे। टीम ने दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में वे लकड़ी से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत पर रिहा किया गया।
रेंजर नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि डहरा मोड़ स्थित नए कार्यालय के शुरू होने के बाद से पिछले 25 दिनों में विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इस अवधि में वन एवं खनन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 7.15 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। अब तक 3 ट्रक, एक मिनी ट्रक और कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की जा चुकी हैं।
इस सफल ऑपरेशन में वनपाल अजय सिंह, राजकुमार, हुकम सिंह, केशव सिंह, रामवीर और आकाश शर्मा सहित अन्य वनकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध वन और खनन सामग्री के परिवहन को रोकने के लिए आगे भी इसी तरह की सघन निगरानी जारी रहेगी।
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