राजस्थान कांग्रेस में बगावत: विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी छोड़ने के दिए संकेत, डोटासरा पर साधा निशाना
पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए पार्टी छोड़ने की ओर इशारा किया है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे अनुशासन समिति का विषय बताया है।
भरतपुर। राजस्थान कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पार्टी छोड़ने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक अपना औपचारिक इस्तीफा नहीं सौंपा है, लेकिन सोशल मीडिया पर साझा की गई उनकी हालिया टिप्पणियों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। सिंह ने स्पष्ट किया है कि वे अब पार्टी की वर्तमान नीतियों के साथ तालमेल बिठाने में असमर्थ हैं।
विश्वेंद्र सिंह ने अपने संदेश में स्वाभिमान को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि वे दम घुटने वाली स्थिति में रहने के बजाय सिद्धांतों के साथ समझौता न करना बेहतर समझते हैं। उन्होंने पार्टी में चापलूसी की संस्कृति पर प्रहार करते हुए कहा कि उनके पूर्वजों ने कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया, और वे भी उसी परंपरा का पालन करेंगे। उनका यह रुख पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, जो पहले ही गुटबाजी से जूझ रही है।
इस विवाद की शुरुआत 30 सितंबर को हुई थी, जब विश्वेंद्र सिंह ने डोटासरा पर शिक्षा मंत्री रहते हुए रीट परीक्षा में धांधली और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने मांग की थी कि डोटासरा के खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, भरतपुर और डीग के निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार का ठीकरा भी उन्होंने प्रदेश नेतृत्व पर फोड़ा था, जिससे दोनों नेताओं के बीच की खाई और चौड़ी हो गई।
दूसरी ओर, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पूरे मामले पर संयमित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के फैसले सोशल मीडिया के बयानों के आधार पर नहीं लिए जाते। डोटासरा ने स्पष्ट किया कि यदि अनुशासनहीनता का कोई मामला बनता है, तो अनुशासन कमेटी इसकी जांच करेगी। उन्होंने पार्टी की एकता पर जोर देते हुए कहा कि इस समय कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने की आवश्यकता है और वे भाजपा के दुष्प्रचार का शिकार नहीं होंगे।
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के कई अन्य पदाधिकारी भी विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ मुखर हो गए हैं। महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी और अन्य महासचिवों ने सिंह पर भाजपा के इशारे पर काम करने और पार्टी की गौरवशाली परंपरा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। राज्य कांग्रेस में जारी यह खींचतान आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक उठापटक का कारण बन सकती है।
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